Saturday, September 5, 2026

जलवायु परिवर्तन से बादल भी अछूते नहीं, नासा जुटा अगले मिशन लॉन्च की तैयारी में

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भोंपूराम खबरी। जलवायु परिवर्तन के असर से बादल भी अछूते नहीं, नासा जुटा अगले मिशन लॉन्च की तैयारी में

जलवायु परिवर्तन के असर से बादल भी अछूते नहीं रहे। बर्फ बनाने वाले बादलों में भी इसका असर देखा गया है। जिसका पुख्ता असर देखने के लिए नासा एक खास मिशन लॉन्च करने की तैयारी करने लगा है। मिशन के जरिए बिगड़ते बर्फीले मौसम के पूर्वानुमान की सटीक पता लगाया जा सजेगा। यह मिशन पृथ्वी के वायुमंडल के उच्च क्षेत्र के बादलों की निगरानी कर बर्फीले मौसम का पूर्वानुमान बताएगा। नासा के इस मिशन का नाम पोलराइज़्ड सबमिलीमीटर आइस-क्लाउड रेडियोमीटर ( पोलएसआईआर) है। पोलएसआईआर अत्याधुनिक उपकरण इजात किया जा रहा है, जो बर्फ के बादलों का अध्ययन करने के लिए डिज़ाइन किया गया है । उष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय क्षेत्रों के ऊपर बनने वाले बादलों की प्रतिक्रिया का जायजा लेगा। यह उपकरण दो छोटे उपग्रहों पर लगाया जाएगा और पृथ्वी की निचली कक्षा में लॉन्च किया जाएगा। जिसके जरिए बर्फ बनाने वाले बादलों का डेटा एकत्र किया जा सकेगा। खास बात यह है कि इस मिशन में एक दिन के दौरान बर्फ के बदलते बादलों का पता लगाना आसान हो जाएगा। साथ ही यह पता लगाना भी आसान हो जाएगा कि बर्फ के बादल जलवायु परिवर्तन पर कसी प्रतिक्रिया करते हैं और भविष्य में वे हमारी जलवायु को कैसे प्रभावित कर सकते हैं। इस मिशन को लेकर वाशिंगटन के नासा मुख्यालय में विज्ञान मिशन निदेशालय के सहयोगी प्रशासक निकोला फॉक्स ने एक बयान में कहा है कि जलवायु पूर्वानुमानों में सुधार के लिए बर्फ के बादलों का अध्ययन महत्वपूर्ण है। जिसे नासा पहली बार करने जा रहा है। दरअसल बर्फ बनाने वाले बदली की अभी तक गहन जानकारी अभी तक नही है। इस मिशन से हमारी समझ में काफी सुधार आ जाएगा। इस योजना को धरातल पर लाने के लिए लंबा समय लगन वाला है। योजना के अनुसार पोलएसआईआर को 2027 में लॉन्च किया जाएगा।

आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान एरीज के पर्यावरण वैज्ञानिक डा नरेंद्र सिंह के अनुसार जलवायु परिवर्तन को समझने के लिए अत्याधुनिक उपकरण इजाद किए जाने वक्त की सबसे बड़ी जरूरत बन गई है। जिसके जरिए भविष्य के मौसम का समय रहते समझ पाएंगे। वर्तमान के दुनिया का कोई भी देश इस जलवायु परिवर्तन से अछूता नहीं है। हमे समय रहते बहुत सी तैयारियां करनी है।

श्रोत व फोटो: अर्थ स्काई।

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