भोंपूराम खबरी। देहरादून में जमीन पर कब्जा कर बनाए गए वसंत विहार थाना, पुलिस स्टाफ बिल्डिंग और सीआईडी दफ्तर को हटाने के आदेश जारी हुए हैं। जमीन पर कब्जे का ये मामला 2003 से कोर्ट में चल रहा था।
दो दिन पूर्व ही देहरादून के वसंत विहार थाने की जमीन चाय बागान की होने की पुष्टि हुई थी। इस पर कोर्ट ने पुलिस से थाना हटाते हुए जमीन चाय बागान को सौंपने के आदेश जारी किए थे। इधर, अब चाय बागान की जमीन के कब्जे को लेकर एक और आदेश कोर्ट ने जारी कर दिया है। कोर्ट ने चाय बागान की जमीन पर बसे सीआईडी दफ्तर को भी हटाने के आदेश जारी कर दिए हैं।
अपील करेगी पुलिस
इस मामले में पुलिस को अभी तक कोर्ट के आदेश की प्रति नहीं मिली है। एसएसपी अजय सिंह के मुताबिक आदेश की प्रति नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि आदेश की प्रति मिलने के बाद मामले में अपील की जाएगी।
26 सितंबर 2003 को दायर हुआ था केस
इस मामले में कंपनी के प्रबंधक एनके मिश्रा की ओर सिविल कोर्ट में 26 सितंबर 2003 में केस दर्ज कराया गया था। उन्होंने कोर्ट को बताया कि चाय बागान की जमीन पर अवैध तरीके से कब्जा कर उसमें निर्माण कर दिए गए हैं। चाय बागान के नाम साढ़े नौ बीघा जमीन है।
पुलिस खर्च कर चुकी है साढ़े छह करोड़
उस जमीन पर थाना और स्टाफ बिल्डिंग बनाने में पुलिस करीब साढ़े छह करोड़ रुपये खर्च कर चुकी है। ये जमीन पुलिस को विधिवत आवंटित नहीं की गई थी। इसी के चलते विवाद उत्पन्न हुआ था।
सरकार और डीजीपी को बनाया पार्टी
इस मामले में कोर्ट में राज्य सरकार और डीजीपी को पार्टी बनाया गया है। द्वितीय अपर सिविल जज सीनियर डिवीजन इंदु शर्मा ने आदेश दिया कि यहां खसरा संख्या 174 क पर आरोपी पक्ष ने अवैध निर्माण किया है।




