Friday, September 4, 2026

चर्चाओं में हल्द्वानी जेल, गैंगस्टर के साथी ने जड़ दिया SI को थप्पड़

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भोंपूराम खबरी। उत्तराखंड: राज्य में अब पुलिस कर्मी ही सुरक्षित नहीं है लगातार पुलिस कर्मी से मारपीट के मामले सामने आ रहे है। ताजा मामला हल्द्वानी जेल से सामने आया है जहां एक गैंगस्टर के साथी ने SI को थप्पड़ जड़ दिया। बता दें की राज्य में इस से पहले भी ऐसे कई मामले सामने आ चुके है। बता दें की हल्द्वानी जेल में बंद आइटीआइ गैंग के सदस्य व एएसआई के बीच हाथापायी हो गई। दोनों ने एक-दूसरे को थप्पड़ जड़ दिए। इससे जेल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। बता दें की हल्द्वानी जेल अधीक्षक व अन्य कर्मियों ने बीचबचाव किया। पुलिस ने मामले में आइटीआइ गैंग के सदस्य देवेंद्र बिष्ट पर सरकारी कार्य में बाधा डालने, मारपीट, गालीगलौज व जान से मारने की धारा में प्राथमिकी की है।

आपको इसके साथ ही बता दें की हल्द्वानी जेल के एएसआई मनोज सिंह कार्की ने हल्द्वानी पुलिस को बताया कि वह रुद्रपुर पुलिस लाइन में तैनात हैं। बुधवार को वह टीम के साथ हल्द्वानी जेल में मुल्जिम ड्यूटी पर आए थे। ऊधम सिंह नगर कोर्ट से संबंधित बंदियों के पास मौजूद सामग्री की गार्ड एंड एस्कोर्ट रूल के तहत चेकिंग की जा रही थी। बता दें की इस बीच एक बंदी अतिरिक्त सब्जी व पूरी लेकर गेट पर पहुंचा तो उन्होंने इसे नियम विरुद्ध बताते हुए अतिरिक्त सब्जी-पूरी ले जाने पर मना कर दिया। बता दें की जेल में बंद हल्द्वानी निवासी देवेंद्र बिष्ट पुत्र बलवीर सिंह ने उनका विरोध करना शुरू कर दिया। देवेंद्र ने अभद्रता की तो उन्होंने एक थप्पड़ जड़ दिया। इस पर आरोपित ने भी उनसे मारपीट कर दी। खुद को आइटीआइ गैंग का सदस्य बताने वाले देवेंद्र ने अन्य पुलिस कर्मियों से भी गालीगलौज कर सरकारी कार्य में बाधा डाली। जिससे अन्य बंदियों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई। जेल से बाहर निकलने पर आरोपित ने देख लेने व जान से मारने की धमकी दी। बता दें की हल्द्वानी कोतवाल हरेंद्र चौधरी ने बताया कि आरोपित पर प्राथमिकी कर ली है।

इसके अलावा आपको बता दें की हल्द्वानी शहर में गुंडागर्दी कर लोगों पर रौब दिखाने वाला आइटीआइ गैंग जेल के अंदर भी अराजकता पर उतर आया है। तीन सदस्य अभी जेल में बंद हैं। जबकि एक नैनीताल जेल शिफ्ट हो चुका है। जमानत पर छूटे सदस्यों ने जेल में बंद रहने के दौरान माहौल बिगाड़ने की कई बार कोशिश की, लेकिन जेल प्रशासन की सख्ती के आगे झुकना पड़ा। एमबीजीपी कालेज में एबीवीपी के एक पदाधिकारी पर जानलेवा हमला कर आइटीआइ गैंग सबसे ज्यादा सुर्खियों में आया था। तब पुलिस ने 25 सदस्यों पर हत्या के प्रयास में प्राथमिकी की। एसएसपी पंकज भट्ट ने माहौल खराब करने वाले तकरीबन 15 सदस्यों को गिरफ्तार कर जेल भिजवाया।

बता दें की कोर्ट ने भी इनकी जमानत अर्जी खारिज कर दी थी। दिसंबर में आइटीआइ गैंग के एक सदस्य को नैनीताल शिफ्ट किया गया। उस पर जेल में एक बंदी से मारपीट का आरोप था। वहीं बुधवार को गैंग के सदस्य देवेंद्र बिष्ट ने रुद्रपुर पुलिस लाइन में तैनात एएसआई मनोज सिंह कार्की से अभद्रता कर हाथापाई कर दी। हल्द्वानी जेल प्रशासन के अनुसार गैंग के अधिकांश सदस्य जमानत पर छूट गए हैं। तीन अभी भी जेल के अंदर बंद हैं। आइटीआइ गैंग में अधिकांश अराजक तत्व युवा हैं। जिनकी उम्र 16 से 32 साल तक है। गैंग बनाकर ये किसी पर भी टूट पड़ते हैं। इन्हें न तो अपने स्वजन की बदनामी का डर रहता और न ही पुलिस कार्रवाई का।

आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें की हल्द्वानी जेल में बंद आइटीआइ गैंग का सदस्य देवेंद्र हत्या के प्रयास का आरोपित है। जेल के अंदर उसने कानून को अपने हाथ में लिया। 22 अगस्त को गैंग ने एमबीपीजी कालेज में एबीवीपी कार्यकर्ता शिवम पर जानलेवा हमला किया था। 15 दिन मुलाकात पर रोक देवेंद्र बिष्ट के विरुद्ध जेल प्रशासन ने कड़ा एक्शन लिया है। उसकी मुलाकात पर 15 दिन तक रोक लगाई है। साथ ही पीसीओ आफिस (टेलीफोन डयूटी) से भी उसे हटा दिया गया है। इसके साथ ही बता दें की हल्द्वानी जेल अधीक्षक सतीश सुखीजा ने बताया कि जेल का माहौल खराब नहीं होने दिया जाएगा। सभी अपराधियों की रोजाना काउंसलिंग की जाती है। एएसआइ से मारपीट करने वाले के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की गई है। तो किया अब लोगो को न्याय दिलवाने वाले पुलिस कर्मी ही सुरक्षित नहीं है। क्योंकि इस से पहले भी पुलिस कर्मी के साथ मारपीट के मामले सामने आ चुके है। लगता है अब इन अपराधियों की हिम्मत बड़ती जा रही है। जो पुलिस को भी नही छोड़ रहे। और उनके साथ हाथापाई पर उतर आए है।

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