Saturday, September 5, 2026

गेस्ट टीचरों में आक्रोश,आंदोलन की दी चेतावनी

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भोंपूराम खबरी। 9 साल की शिक्षण सेवा के बाद शिक्षा विभाग माध्यमिक अतिथि शिक्षकों के पदों को रिक्त दिखा रहा है जिससे अतिथि शिक्षकों में भारी आक्रोश है। संघ के अध्यक्ष अभिषेक भट्ट ने कहा कि शिक्षा मंत्री ने अतिथि शिक्षकों के भविष्य को देखते हुए एक स्थाई रास्ता निकालने का कई बार आश्वासन दिया किन्तु अभी तक विभाग और शासन ने इस सम्बंध में कोई निर्णय नहीं लिया। अतिथि शिक्षकों को सरकार ने अभी तक सिर्फ आश्वासन ही दिया जो धरातल पर नहीं उतरे।

धामी सरकार की 2022 की पहली कैबिनेट बैठक में अतिथि शिक्षकों के पदों को रिक्त नहीं माने जाने का फैसला लिया गया जो कि आजतक धरातल पर नहीं उतरा। वेतन वृद्धि से लेकर अतिथि शिक्षकों के सुरक्षित भविष्य को लेकर सरकार द्वारा केवल दावा ही किया गया। जो अभी तक पूरा नहीं किया गया। अल्प वेतन में कार्य कर रहे करीब 4 हजार अतिथि शिक्षक एलटी और प्रवक्ता के रिक्त पदों के सापेक्ष शिक्षण कार्य के साथ गैर शैक्षणिक कार्य और निर्वाचन कार्य मे भी ड्यूटी करते हैं किन्तु सरकार ने अभी तक अतिथि शिक्षकों के हित मे कोई कार्य नहीं जिससे अतिथि शिक्षक स्वयं को ठगा महसूस करते हैं।

लोकसभा चुनाव से पहले शिक्षा मंत्री ने अतिथि शिक्षकों के वेतन वृद्धि और प्रभावित होंने वाली समस्या को दूर करने का भरोसा दिया लेकिन अभी तक अतिथि शिक्षकों के सम्बंध में कोई कार्य नही किया। अतिथि शिक्षकों का केवल शोषण किया जा रहा है जिसको अब कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि आचार सहिंता समाप्त होते ही अतिथि शिक्षकों के लिये कोई स्थायी व्यवस्था नहीं बनाई गई तो सभी अतिथि शिक्षक प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू कर देंगे।

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