भोंपूराम खबरी,रुद्रपुर। गांधी जी के विचारों का विरोध करने वाले और गोडसे के समर्थक देश में राज कर रहे है। इनसे लड़ने का एकमात्र रास्ता गांधीवादी तरीका ही है। इसलिए कांग्रेस को संगठित होने की जरूरत है। जिसे लेकर एकजुट होकर गांवों में जाकर वहां प्रवास करना होगा और ग्रामीणों के साथ मिलकर कांग्रेस की विचारधारा से लोगो को जोड़ना होगा। देश चौराहे पर है और भाजपा को देश की जनता की कोई परवार नहीं है। यह बात कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष तिलकराज बेहड़ ने एक निजी होटल में आयोजित प्रेस वार्ता में कही।
कार्यकारी अध्यक्ष बेहड़ ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गंाधी का यह वक्तत्व कि भारत की आत्मा गांवो में बसती है, पर सिर्फ कांग्रेस की मंथन कर सकती है। इसलिए इस गांधी जयंती पर उत्तराखण्ड कांग्रेस ने प्रदेश भर में गांव-गांव जाकर रात्रि प्रवास करने का निर्णय लिया है। जिसके तहत कांग्रेस नेता प्रदेश भर की 670 न्याय पंचायतों में जाकर दो रात एक गांव में बिताएंगे। जिसमें कांग्र्रेस के प्रभारी देवेन्द्र यादव सहित सभी पदाधिकारी व कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहेगे। उन्होने बताया कि प्रत्येक न्याय पंचायत में करीब 5-6 गांव शामिल है। इस गांधी जयंती पर कांग्रेस के नेता प्रत्येक न्याय पंचायत के एक गांव में दो दिन व रात बिताएंगे। प्रवास के दौरान कांग्रेस को धरातल पर दिखाई देने के लिए विभिन्न गतिविधियों पर नजर रखी जाएंगी। कांग्रेस कार्यकर्ताओं केा प्रेरित करने के साथ ही स्थानीय आम जनता को भी अधिक से अधिक जोड़ने का काम करना होगा। इस बीच सभी पार्टी नेता सभी वर्गो युवाओं, महिलाओं, बुर्जगों के बीच जाकर कांग्रेस को मजबूत करने का प्रयास करेगे। प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष जितेन्द्र सिंह, कार्यकारी जिलाध्यक्ष हिमांशु गाबा, नगराध्यक्ष जगदीश तनेजा, कांग्रेस नेता प्रीत ग्रोवर, गणेश उपाध्याय आदि मौजूद थे।
कांग्रेस का प्रत्यके न्याय पंचायत में रात्रि प्रवास का यह कार्यक्रम तीन दिन का होगा। जिसमें प्रथम दिन शुक्रवार सभी कांग्रेसी निर्धारित गांव में पहंुचकर रात्रि प्रवास करेगे। वही गांव के परिवारों के साथ मिलकर भोजन पर चर्चा भी करेगे। दूसरे दिन सभी गंाव वालो के साथ मिलकर गांधी जयंती मनाएंगे और वर्तमान राजनीति में गांधी जी के महत्व पर व्याख्यान देगे। इसके अलावा श्रमदान, सामूहिक भोजन, स्वतंत्रता सेनानी परिवार, उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारियों, शिक्षकों और कर्मचारियों के साथ बैठक की जाएंगी। गांव की महिलाओं के साथ चौपल का आयोजन भी होगा। तीसरे दिन गांव में प्रभात फेरी का आयोजन होगा और युवकों के साथ युवा चौपाल का आयोजन होगा।




