Friday, September 4, 2026

क्या SC/ST आरक्षण में लागू होगा क्रीमी लेयर? सुप्रीम कोर्ट की सिफारिश पर केंद्र सरकार ने अपना रुख किया साफ

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भोंपूराम खबरी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में शुक्रवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक हुई। इस बैठक में अनुसूचित जातियों (SC) और अनुसूचित जनजातियों (ST) के आरक्षण में क्रीमी लेयर पर सुप्रीम कोर्ट की सिफारिश पर भी चर्चा हुई। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने शुक्रवार को साफ शब्दों में कहा कि भीमराव आंबेडकर के दिए संविधान में SC और ST के आरक्षण में क्रीमी लेयर के लिए कोई प्रावधान नहीं है। यहां क्रीमी लेयर का मतलब SC एवं ST समुदायों के उन लोगों और परिवारों से है जो उच्च आय वर्ग में आते हैं।

मंत्रिमंडल के सभी नेताओं का एक मत

सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा लिए गए निर्णयों के बारे में कहा कि मंत्रिमंडल की बैठक में सुप्रीम कोर्ट के उस हालिया फैसले पर विस्तृत चर्चा हुई, जिसमें एससी और एसटी के लिए आरक्षण के संबंध में कुछ सुझाव दिए गए थे। उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल के सभी नेताओं का एक मत है। साथ ही एनडीए सरकार भी संविधान के प्रावधानों के प्रति प्रतिबद्ध है।

SC-ST आरक्षण में क्रीमी लेयर के लिए कोई प्रावधान नहीं- सरकार

वैष्णव ने कहा कि बीआर आंबेडकर के दिए संविधान के अनुसार, एससी-एसटी आरक्षण में क्रीमी लेयर के लिए कोई प्रावधान नहीं है। उन्होंने कहा कि एससी-एसटी आरक्षण का प्रावधान संविधान के अनुरूप होना चाहिए। यह पूछे जाने पर कि क्या यह मुद्दा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री या प्रधानमंत्री द्वारा उठाया गया था। इस सवाल के जवाब में वैष्णव ने कहा कि यह मंत्रिमंडल का सुविचारित दृष्टिकोण है।

सुप्रीम कोर्ट ने की थी ये सिफारिश

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने पिछले हफ्ते एससी और एसटी वर्ग के कोटे में कोटा दिए जाने को मंजूरी दी थी। कोर्ट ने कहा था कि SC-ST कैटेगरी के अंदर नई सब कैटेगरी बना सकते हैं। इसके तहत अति पिछड़े तबके को अलग से आरक्षण दे सकते हैं। कोर्ट ने ये सिफारिश चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अगुवाई में सात जजों की संविधान पीठ ने की थी।

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