Saturday, September 5, 2026

कोर्ट कर्मी की हत्या के आरोप में पत्नी समेत तीन को उम्रकैद की हुई सजा

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भोंपूराम खबरी,काशीपुर। प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने कोर्ट कर्मी की हत्या करने के तीन आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपियों पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी डाला है। साक्ष्य छिपाने और षड़यंत्र रचने के आरोपों में भी अदालत ने आरोपियों को अलग-अलग सजा सुनाई है।

कुंडा के तत्कालीन ग्राम प्रधान मो. हनीफ की सूचना पर कुंडा थाना पुलिस ने 15 जनवरी, 2019 की सुबह ज्वाल्पा पेट्रोल पंप के पास से एक व्यक्ति का शव बरामद किया था। मृतक की शिनाख्त सरवरखेड़ा निवासी विनोद कुमार के रूप में हुई। वह रुद्रपुर में जिला न्यायालय में चतुर्थ श्रेणी के पद पर कार्यरत था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में विनोद की मौत का कारण धारदार हथियार से वार करने के कारण बताया गया था। मृतक के फुफेरे भाई जसपुर खुर्द निवासी दुष्पाल सिंह ने कुंडा थाने में हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। 17 जनवरी, 2019 को पुलिस ने विनोद हत्याकांड का खुलासा करते मृतक की पत्नी रजनी समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। सरवरखेड़ा निवासी नफीस उर्फ बबलू से रजनी के प्रेम संबंध थे। नफीस आंध्रप्रदेश के मल्हौर में एक ब्यूटी पार्लर पर बार्बर था। आरोपियों ने वारदात को दुघर्टना का रुप देने के लिए उसका शव सड़क किनारे फेंक दिया था। तत्कालीन थाना प्रभारी सुधीर कुमार ने आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट पेश की। अभियोजन पक्ष की ओर से 15 गवाह परीक्षित कराए गए। सभी ने अभियोजन के कथानक का समर्थन किया। अभियोजन की ओर से पैरवी एडीजीसी रतन सिंह कांबोज ने की। संबंधित पक्षों को सुनने और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन कर प्रथम एडीजे रीतेश कुमार श्रीवास्तव की अदालत ने तीनों आरोपियों को आजीवन काारावास और 50-50 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। जबकि साक्ष्य छिपाने के आरोप में उन्हें सात-सात साल के कारावास और 10-10 हजार रुपये की सजा सुनाई गई है। सभी सजाएं साथ-साथ चलेगी और जेल में बिताई गई अवधि सजा में समायोजित की जाएगी।

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