Saturday, September 5, 2026

कोचिंग से होने वाली इनकम से खरीदती थी पौधे, जानिए पर्यावरण प्रेमी प्रेमलता की कहानी

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भोंपूराम खबरी। कहते हैं अगर दुनिया में बदलाव की इच्छा हो, तो शुरुआत पहले खुद से करनी पड़ती है. ये लाइन उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले की रहने वाली समाजसेविका और पर्यावरण मित्र प्रेमलता चौहान पर बिल्कुल सटीक बैठती है. ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि बचपन से ग्रामीण परिवेश में पालन पोषण होने से प्रेमलता पेड़ पौधों से विशेष लगाव था, लेकिन शादी के कुछ वर्षों बाद वह शहरी क्षेत्रों में रहने लगीं. जिसके कारण ग्रामीण क्षेत्र और पेड़ पौधों की कमी काफी महसूस होती थी. 2012 से पर्यावरण मित्र प्रेमलता ने अपने घर बाहर स्थित सुभाष चन्द्र बोस पार्क में पौधे लगाने का जिम्मा उठाया और पूरे पार्क में पौधे लगाकर पार्क को हरा-भरा कर दिया. इसके साथ ही वह शहर के अन्य कई पार्कों में पौधारोपण कर पार्कों की दशा को बदल चुकी हैं।

ऊधम सिंह नगर जिले की किच्छा नगरपालिका क्षेत्र में रहने वाली समाज सेविका और पर्यावरण मित्र प्रेमलता चौहान का शुरुआती जीवन ग्रामीण परिवेश में बीता था, इसलिए उनको पेड़ पौधों से विशेष लगाव था. शादी के बाद शहरी क्षेत्रों में रहने के कारण प्रकृति से दूर हो गईं. प्रकृति से दूरी की कमी हमेशा ही प्रेमलता को महसूस होती थी. इसके बाद पर्यावरण मित्र प्रेमलता ने 2012 में अपने घर सामने स्थित सुभाष चन्द्र बोस पार्क में पौधे लगाकर हरा-भरा कर दिया. देखते ही देखते स्थानीय महिलाओं का भी प्रेमलता को सहयोग मिलने लगा और उन्होंने क्षेत्र के कई पार्क और चौराहों पर पौधारोपण कर लोगों को पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन के लिए जागरूक किया।

पर्यावरण मित्र प्रेमलता चौहान ने बताया कि मेरा शुरुआती जीवन ग्रामीण क्षेत्र में बीता था, इसलिए हरे भरे पेड़ पौधों काफी पसंद थे. शादी के बाद हम शहर में रहने लगे लेकिन हरे भरे पेड़ पौधों की कमी हमेशा ही महसूस होती थी. तब 2012 से हमें अपने घर के बाहर स्थित पार्क में पौधे लगाना शुरु किया. उन्होंने बताया कि शुरुआत में स्थानीय लोगों का सहयोग काफी कम मिलता था, लेकिन धीरे धीरे आसपास के लोगों ने पार्क को सुंदर बनाने में अपना सहयोग देना शुरु कर दिया। प्रेमलता ने बताया कि मुझे बच्चों को पढ़ाने का शौक है, इसलिए मैंने कुछ साल छोटे बच्चों को कोचिंग क्लास दी और वहां से होने वाली इनकम से पौधे लगाती थी. उन्होंने कहा कि हमने किच्छा का सुभाष चन्द्र बोस पार्क, सरदार वल्लभ भाई पटेल पार्क, राजेन्द्र प्रसाद पार्क, महार्षि वाल्मीकि पार्क, शिरोमणि महाराणा प्रताप चौक, डॉ भीमराव अंबेडकर चौक, डीडी चौक सहित अन्य कई स्थानों पर पौधारोपण किया और लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक किया. आज हमारी टीम में हर वर्ग की और हर उम्र महिलाएं शामिल हैं, जो पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन पर काम करती हैं.

 

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