Friday, September 4, 2026

केदारनाथ धाम के कपाट हुए बंद, इस बार 44 लाख श्रद्धालुओं ने की चारधाम यात्रा

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भोंपूराम खबरी। ग्यारहवें ज्योतिर्लिंग भगवान भोलेनाथ के धाम बाबा केदारनाथ धाम के कपाट बंद हो गए हैं। आज भाई दूज के पर्व पर शीतकाल के लिए बाबा केदार के धाम के कपाट पूरे विधि विधान के साथ बंद कर दिए गए हैं। इस मौके पर हजारों श्रद्धालुओं ने बाबा केदार के दर्शन किए।

केदारनाथ धाम के कपाट हुए बंद, इस बार 44 लाख श्रद्धालुओं ने की चारधाम यात्रा

तड़के 4 बजे से केदारनाथ धाम के कपाट बंद होने की प्रक्रिया शुरू हो गई थी। भगवान आशुतोष के ज्योतिर्लिंग को समाधिरूप दिया गया। इसके उपरांत विधि-विधान से मंदिर के कपाट सुबह साढ़े 8 बजे शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए।

केदार धाम के कपाट बंद होने के बाद सेना के बैंड की धुनों के साथ बाबा केदार की चल उत्सव विग्रह डोली धाम से शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ के लिए प्रस्थान कर गई है। बाबा केदार की चल उत्सव विग्रह डोली पहले रात्रि प्रवास पर आज रामपुर पहुंचेगी।

केदारनाथ धाम के कपाट हुए बंद, इस बार 44 लाख श्रद्धालुओं ने की चारधाम यात्रा

सोमवार को बाबा की डोली रामपुर से रात्रि प्रवास के लिए गुप्तकाशी और मंगलवार को गुप्तकाशी से पंचकेदार गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर पहुंचेगी। जहां पर सभी धार्मिक मान्यताओं के निर्वहन के साथ बाबा केदार की पंचमुखी चल उत्सव विग्रह डोली को छह माह की पूजा के लिए मंदिर में विराजमान किया जाएगा। केदारनाथ धाम के कपाट इस वर्ष 10 मई को श्रद्धालुओं के लिए खोले गये थे। एक नवंबर तक 16 लाख 15 हज़ार 642 श्रद्धालुओं ने बाबा केदार के दर्शन और पूजा अर्चना की।

 

शनिवार को गंगोत्री धाम के कपाट बंद हो गए थे। चारधामों में प्रमुख धाम गंगोत्री धाम के कपाट शनिवार को अन्नकूट पर्व पर दोपहर 12:14 बजे अभिजीत मुहूर्त में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच बंद कर दिए गए थे। इस अवसर पर सैकड़ों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने मां गंगा की उत्सव डोली के निर्वाण दर्शन किए।

आज यमुनोत्री धाम के कपाट भैयादूज के पर्व पर दोपहर 12:05 बजे बंद किए जाएंगे। शीतकाल में मां यमुना जी की उत्सव मूर्ति खरसाली गांव स्थित यमुना मंदिर में विराजमान रहेगी, जहां श्रद्धालु उनके दर्शन व पूजन लाभ प्राप्त कर सकेंगे।

केदारनाथ धाम के कपाट इस वर्ष 10 मई को श्रद्धालुओं के लिए खोले गये थे। एक नवंबर तक 16 लाख 15 हज़ार 642 श्रद्धालुओं ने बाबा केदार के दर्शन और पूजा अर्चना की। जबकि गंगोत्री धाम में 8 लाख 11 हज़ार श्रद्धालुओं ने माँ गंगा के दर्शन किए। वहीं 7 लाख 10 हज़ार श्रद्धालुओं ने यमुनोत्री धाम पहुँचकर माँ यमुना के दर्शन किए तथा अब तक 13 लाख श्रद्धालुओं ने बदरीनाथ धाम पहुँचकर भगवान बदरी विशाल कि दर्शन किए।

चारों धामों में, बदरीनाथ धाम के कपाट इस वर्ष शीतकाल के लिए सबसे आख़िर में 17 नवंबर (रविवार) को रात्रि 9 बजकर 7 मिनट पर पूरे विधि विधान के साथ बंद होंगे। जबकि चार नवंबर को तृतीय केदार तुंगनाथ के कपाट बंद होंगे और 20 नवंबर को द्वितीय केदार मद्महेश्वर के कपाट बंद होंगे।

 

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