भोंपूराम खबरी,किच्छा। खुरपिया फार्म की 1002 एकड़ भूमि में ग्रीन फील्ड इंडस्ट्रियल स्मार्ट सिटी बनाई जाएगी। इस परियोजना से किच्छा को नई पहचान के साथ यहां के लोगों को रोजगार भी मिलेगा। खुरपिया फार्म में अमृतसर- कोलकाता इंडस्ट्रियल कॉरिडोर बनाने के लिए पिछले कई सालों से सर्वे चल रहा था। बुधवार को वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस परियोजना को हरी झंडी दी थी।
उन्होंने बताया कि खुरपिया की इंडस्ट्रियल स्मार्ट सिटी को अमृतसर- कोलकाता इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के अंतर्गत ऑटोमोबाइल हब के रूप में विकसित किया जाएगा। इसमें इंजीनियरिंग और फेब्रिकेशन से संबंधी उद्योगों की स्थापना होगी। इससे काशीपुर, रुद्रपुर, पंतनगर, किच्छा आदि औद्योगिक क्षेत्रों को भी लाभ होगा और बड़े स्तर पर औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ाया मिलेगा। वहीं पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार जताया है।
सौ एकड़ भूमि पर सेटेलाइट एम्स का निर्माण चल रहा खुरपिया की भूमि सरकार के अधिकार में आने के बाद यहां के लोगों को सरकारी परियोजनाएं आने की उम्मीद जगी थी। वर्तमान में खरपिया की सौ एकड़ भूमि पर सेटेलाइट एम्स का निर्माण चल रहा है। जबकि चौदह एकड़ में मॉडर्न डिग्री कॉलेज स्थापित हो चुका है और साढ़े तीन एकड़ में रोडवेज बस स्टैंड के निर्माण का कार्य चल रहा है। इससे लोगों को क्षेत्र के विकसित होने की आस जगने लगी है। खुरपिया फार्म की 1002 एकड़ भूमि सिडकुल के नाम दर्ज है। इसमें पिछले कई सालों से अमृतसर-कोलकाता इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के सर्वे का काम चल रहा था। इस परियोजना को हरी झंडी मिलने के बाद इस क्षेत्र का सामाजिक एवं आर्थिक उत्थान होना होगा। इससे क्षेत्रीय लोगों में खुशी का माहौल है।
ब्रिटिशकालीन तहसील किच्छा ऊधमसिंह नगर जनपद का पिछड़ा शहर माना जाता रहा है। किच्छा के दोनों ओर रुद्रपर और सितारगंज में सिडकुल आने के बाद उद्योगों की स्थापना हो चुकी है। वहीं किच्छा अभी तक अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा था। हाईकोर्ट के निर्णय बाद वर्ष 2014 में जिला प्रशासन ने खुरपिया की 1512 एकड़ भूमि को अपने अधिकार में ले लिया था। हल्द्वानी रोड पर स्थित खुरपिया फार्म शहर से मात्र तीन किलोमीटर की दूरी पर है




