Friday, September 4, 2026

कनाडा छोड़ो, भारत जाओ…’ बौखलाया खालिस्तानी आतंकी, गुरपतवंत सिंह पन्नू ने कनाडा में रह रहे हिंदुओं को धमकाया

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भोंपूराम खबरी। ओटावा. 2019 में भारत में प्रतिबंधित खालिस्तान समर्थक समूह सिख फॉर जस्टिस (SFJ) ने खालिस्तानी नेता हरदीप सिंह निज्जर (Hardeep Singh Nijjar) की हत्या पर चल रहे राजनयिक विवाद के बीच कनाडा में रहने वाले हिंदुओं को धमकी दी है और भारत का समर्थन करने के लिए उन्हें देश छोड़ने के लिए कहा है. इंटरनेट पर वायरल हो रहे एक वीडियो में, SFJ का आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू (Gurpatwant Singh Pannu) ने कनाडाई सिखों से 29 अक्टूबर को वैंकूवर में तथाकथित जनमत संग्रह के लिए मतदान करने का आह्वान करता नजर आ रहा है।

भारत में आतंकवादी घोषित किए गए पन्नू ने कहा, ‘भारत-हिंदू…कनाडा छोड़ो, भारत चले जाओ.’ उसने दावा किया कि खालिस्तान समर्थक सिख ‘हमेशा कनाडा के प्रति वफादार रहे हैं और उन्होंने हमेशा कनाडा का पक्ष लिया है. यह वीडियो कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो द्वारा दावा किए जाने के दो दिन बाद सामने आया है.

बता दें कि जस्टिन ट्रूडो ने दावा किया कि भारत सरकार के एजेंटों और जून में निज्जर की हत्या के बीच ‘संभावित संबंध’ था. इन गंभीर आरोपों के कारण दोनों देशों के वरिष्ठ राजनयिकों को निष्कासन का सामना करना पड़ा. वहीं कड़े शब्दों में दिए गए बयान में, विदेश मंत्रालय (MEA) ने उनके दावे को ‘बेतुका और प्रेरित’ कहकर खारिज कर दिया।

विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘इस तरह के निराधार आरोप खालिस्तानी आतंकवादियों और चरमपंथियों से ध्यान हटाने की कोशिश करते हैं, जिन्हें कनाडा में आश्रय प्रदान किया गया है और जो भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के लिए खतरा बने हुए हैं. इस मामले पर कनाडाई सरकार की निष्क्रियता लंबे समय से और निरंतर चिंता का विषय रही है.’ दोनों देशों के बीच राजनयिक तनाव कनाडा में बढ़ती भारत विरोधी गतिविधियों के बारे में नई दिल्ली की बढ़ती चिंता की पृष्ठभूमि में आया है. जिसमें राजनीतिक हस्तियों का खालिस्तानी नेताओं को ‘खुला’ समर्थन भी शामिल है।

बुधवार को भारत की खुफिया एजेंसियों ने कनाडा में खालिस्तान समर्थक संस्थाओं (PKE) और उनके लिए बढ़ते राजनीतिक समर्थन पर चिंता जताई और भारतीयों और अधिकारियों के खिलाफ ‘आक्रामक और तीव्र’ गतिविधियों के बारे में चेतावनी दी. एजेंसियों ने कहा कि खालिस्तानी समर्थक मंदिरों, कनाडा में रहने वाले भारतीयों और वहां व्यवसाय चलाने वाले भारतीय उद्यमियों को टारगेट कर सकते हैं. एजेंसियों ने कहा कि आने वाले दिनों में PKE और भारतीयों के बीच झड़प की सूचना मिल सकती है.

वहीं हिंदू मूल की कनाडाई मंत्री अनीता आनंद ने शांति की अपील की है. एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा कि दक्षिण एशियाई और भारत से आने वाले परिवार, धर्म की परवाह किए बिना, इस भावना को साझा करेंगे कि सोमवार को ट्रूडो का बयान सुनना मुश्किल था. उन्होंने आगे कहा, ‘यह कानूनी प्रक्रिया को वैसे ही जारी रखने का समय है जैसे इसे जारी रखा जाना चाहिए. आइए हम सभी शांत, एकजुट और सहानुभूतिपूर्ण रहें.’

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