Friday, September 4, 2026

कतर में गिरफ्तार 8 पूर्व नेवी अफसरों को मौत की सजा, MEA ने कहा- हर कानूनी मदद के लिए तैयार

Share

Advertisement

भोंपूराम खबरी। पिछले साल कतर में गिरफ्तार किए गए 8 पूर्व भारतीय नेवीo ऑफिसर को कतर की एक अदालत ने मौत की सजा सुनाई है. अदालत के इस फैसले पर भारत सरकार ने हैरानी जताई है. भारत सरकार की ओर से गुरुवार को कहा गया है कि कतर में फंसे भारतीय नागरिकों की रिहाई सुनिश्चित करने के लिए सभी कानूनी विकल्पों की तलाश की जा रही है

भारतीय नौसेना के ये सभी आठ पूर्व ऑफिसर पिछले साल अगस्त से ही कतर के जेल में बंद हैं. कतर ने अभी तक इन सभी पूर्व ऑफिसर्स के खिलाफ लगाए गए आरोपों की जानकारी नहीं दी है. हालांकि, मामले से परिचित लोगों का कहना है कि इन सभी पर जासूसी करने का आरोप लगाया गया है।

भारत सरकार ने आगे कहा है, ” हम इस मामले को बहुत ही गंभीरता से ले रहे हैं. हम सभी कांसुलर और कानूनी सहायता देना जारी रखेंगे. कतरी अदालत के इस फैसले को हम वहां के अधिकारियों के सामने भी उठाएंगे. मामले की गंभीरता और जरूरी गोपनीयता को देखते हुए इस समय इस पर कोई और टिप्पणी करना उचित नहीं होगा.”

गिरफ्तार में एक राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित ऑफिसर भी

कतर पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए 8 पूर्व नौसैनिकों में से राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित कमांडर पूर्णंदू तिवारी (रि.) भी शामिल हैं. इन्हें 2019 में तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने प्रवासी भारतीय पुरस्कार से सम्म किया था. कंपनी की वेबसाइट पर मौजूद जानकारी के अनुसार पूर्णंदू तिवारी भारतीय नौसेना में कई बड़े जहाजों की कमान संभाल चुके हैं

मार्च में हुई थी पहली सुनवाई

रिपोर्ट के मुताबिक, इसी साल मार्च के अंत में पहली सुनवाई हुई थी. गिरफ्तार पूर्व नेवी अफसरों में से एक की बहन मीतू भार्गव ने अपने भाई को कतर से सुरक्षि वापसी के लिए भारत से मदद की गुहार लगाई थी.

भारत सरकार ने गुरुवार को कहा, “हमें जानकारी मिला है कि कतर की एक अदालत ने अल दहरा कंपनी में काम कर रहे भारत के 8 पूर्व नेवी ऑफिसर के गिरफ्तार किए जाने के मामले में फैसला सुनाया है. अदालत ने मौत की सजा सुनाई है. मौत की सजा के फैसले से हम हैरान हैं और फैसले की डिटेल्ड कॉपी का इंतजार कर रहे हैं. हम परिवार के सदस्यों और कानूनी टीम के भी संपर्क में हैं. भारतीय नागरिकों की रिहाई सुनिश्चित करने के लिए सभी कानूनी विकल्पों की तलाश की जा रही है.

मीतू ने 8 जून को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा था, “ये पूर्व नौसेना अधिकारी देश के गौरव हैं. मैं प्रधानमंत्री मोदी से हाथ जोड़कर अनुरोध करती हूं कि अब समय आ गया है कि उन सभी को बिना किसी देरी के तुरंत भारत वापस लाया जाए.”

कतर के एक निजी कंपनी में कर रहे थे काम

ये सभी लोग कतर की एक निजी कंपनी में काम कर रहे यह कंपनी कतरी एमिरी नौसेना को ट्रेनिंग और अन्य सेवाएं प्रदान करती है. मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक कंपनी का नाम दहरा ग्लोबल टेक्नोलॉजी एवं कंसल्ले सर्विसेज है. कंपनी खुद को कतर रक्षा, सुरक्षा एवं अन्य सरकारी एजेंसी की स्थानीय भागीदार बताती है. रॉयल ओमान वायु सेना रिटायर्ड स्क्वाड्रन लीडर खामिस अल अजमी इस कंपनी के सीईओ हैं. ■

Advertisement
Advertisement

Read more

Local News

❌ Content Protection Enabled: Right-click & text copying is disabled on this website.