भोंपूराम खबरी। चाहे हीरा कहिए या डायमंड…, इसका नाम सुनकर आंख में चमक तो आ ही जाती है। कोहिनूर, रीगेंट, द स्टार ऑफ अफ्रीका… ये कुछ ऐसे हीरों के नाम हैं जो पूरी दुनिया में अपने नाम और आकार की वजह से पहचाने जाते हैं।
जितना बड़ा हीरा, उतनी ज्यादा सुरक्षा। यही वजह है कि हीरा सदा के लिए तो है, पर सभी के लिए नहीं है। क्या आप जानते हैं कि दुनिया के किस शहर में हीरों की सबसे बड़ी चोरी (heist of the century) हुई थी। चलिए हम आपको चोरी की वो कहानी पढ़ाते हैं जिसने अपराध की दुनिया में नया इतिहास लिख दिया है।
यह घटना है बेल्जियम के शहर एंटवर्प (Antwerp World Diamond Centre’s vault) की और साल था 2003 का फरवरी महीना। शातिर चोरों के एक समूह (School of Turin) ने दो साल की प्लानिंग के बाद जिस काम को अंजाम दिया था, उसमें लगभग 100 मिलियन डॉलर मूल्य के हीरे चोरी हुए थे। इस चोरी को सदी की चोरी नाम से भी जाना जाता है।
घटना किस शहर में हुई थी: बेल्जियम का एंटवर्प शहर, जिसमें दुनिया में हीरों की राजधानी भी कहा जाता है।
किसे निशाना बनाया गया था: एंटवर्प वर्ल्ड डायमंड सेंटर वॉल्ट में चोरी को अंजाम दिया गया था। इसे दुनिया की सबसे सुरक्षित तिजोरी माना जाता है।
कब हुई थी घटना: 15-16 फरवरी 2003 को।
कितना नुकसान हुआ था: माना जाता है कि इस चोरी में लगभग 100 मिलियन डॉलर कीमत के हीरे, सोना, गहने और कई बहुमूल्य वस्तुएं चोरी हुई थीं।
मास्टरमाइंड कौन था: लियोनार्डो नोतरबार्तोलो नाम का एक इतालवी चोरी इस घटना का मास्टरमाइंड था। उसने कई सालों की मेहनत और कोशिश के बाद सदी की चोरी को अंजाम दिया था।
कौन कौन शामिल था इस चोरी में: नोतरबार्तोलो ने इस चोरी को अंजाम देने के लिए चोरों की ऐसी टीम बनाई थी, जिन्हें स्कूल ऑफ ट्यूरिंग भी कहा जाता था। चोरों के इस में शामिल हर व्यक्ति चोरी की किसी न किसी विधा में महारत रखता था




