Saturday, September 5, 2026

एसएसपी कार्यालय पर कोतवाल के खिलाफ गरजीं महिलाएं

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भोंपूराम खबरी,रूद्रपुर। गत दिवस ग्राम भगवानपुर कोलडिया में अतिक्रमण हटाने के दौरान विरोध कर रही महिलाओं के साथ कोतवाल द्वारा की गई अभद्रता के खिलाफ शुक्रवार को ग्राम की कई महिलाओं ने एस एस पी कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन कर कार्रवाई की मांग की। एस एस पी को लिखे ज्ञापन में कहा गया है कि जहां बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओं की बात प्रशासन करता है वही उत्तराखंड पुलिस में उपस्थित कुछ अधिकारी महिलाओं को जानवर से भी बत्तर समझते हैं। इसका उदाहरण कुछ दिनों पहले पंतनगर चौकी प्रभारी राजेंद्र सिंह डांगी की ऑडियो रिकॉर्डिंग से पता लगा।

उधम सिंह नगर की पुलिस के महिलाओं के प्रति द्वेष भावना और शोषण आए दिन प्रकाश में आ रहे हैं। कल भगवानपुर में रुद्रपुर कोतवाल धीरेंद्र कुमार द्वारा महिलाओं के संग मारपीट व गाली गलौज करने और महिलाओं के आईसीने पर हाथ रखकर धक्का मारने का घृणित और अक्षम्य कृत्य किया गया। जिसकी वीडियो भी सार्वजनिक हुई है। संवैधानिक पद पर नियुक्त एक पुरुष पुलिस अधिकारी द्वारा किये गए उक्त असवैधानिक कृत्य है। अनुसूचित जाति और जनजाति की महिलाओ ने अवगत कराया है कि उन्हें अपने घर से सामान निकालने के लिए भी रोका जा रहा था। विधायक के कहने पर हम लोग डीएम ऑफिस पहुंचे थे, प्रशासनिक अधिकारियों ने गांव में उपस्थित न होने के कारण हमारे पीठ पीछे हमारे घरों पर बुलडोजर चला दिया गया। जब वापस जाकर देखा कि हमारे घर तोड़ दिए गए हैं तो हम अपना सामान निकालने के लिए जब अपने घर के तरफ बड़े तो पुरूष पुलिस अधिकारियों ने हमें रोककर गाली गलौज की और हमारे शरीर को आपत्तिजनक तरीके से छुआ और सीने पर हाथ रखकर हमें धक्का दिया गया। भारतीय संविधान किसी भी पुरुष अधिकारी को यह अधिकार नहीं देता है कि किसी महिला के संग हाथपाई और मारपीट करें। ज्ञापन में रुद्रपुर कोतवाल धीरेंद्र कुमार आदि के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच पूरी होने तक उनको तत्काल उनके पद में निलंबित करने की मांग की गई। अगर 24 घंटे में कोई कार्यवाही नहीं की जाती है तो मजबूरन भगवानपुर के हम ग्राम वासियों को सामाजिक और मजदूर किसान और राजनीतिक संगठनों संग मिलकर कार्यालय के सामने धरना देने के लिए विवश होंगे जिसकी समस्त जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की होगी । प्रदर्शन करने वालों में सुनीता, विमला देवी, रानी, राधिका, फूलमती, आरती, नेहा, बेबी, पुष्पा, आशा, शकुंतला, संजू, इंद्रा, शांति, गु्यस्त्री, मालती, रामावती, अंबिका, नीरबाला आदि शामिल थीं।

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