भोंपूराम खबरी। उत्तराखंड के मैदानी जिले इन दिनों सर्द हवाओं से पैदा हो रही ज़बरदस्त गलन की चपेट में है। घना कोहरा होने के कारण जनजीवन अस्तव्यस्त हो रहा है। सर्द हवाएं चलने और पारा लुढ़कने के कारण कंपकंपी छूट रही है। पछुआ हवाओं का असर पूरे प्रदेश में दिख रहा है। ठंडी हवाओं के कारण लोगों को दिन में भी ठंडक का अहसास हो रहा है। सूरज निकलने के बाद भी धूप बेअसर हो रही है। गलन बढ़ने के कारण घरों में रह रहे लोगों को भी अलाव का सहारा लेना पड़ रहा है। देहरादून से हरिद्वार तक पछुआ हवाओं के असर के कारण रातें ठंडी हो रही हैं। न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस से नीचे गिरता दिख रहा है।

कड़ाके की सर्दी के चलते पारा बिल्कुल नीचे लुढ़क गया है, जिसका असर यह है की उत्तराखण्ड शीतलहर की चपेट में है, शीतलहर ने मानो लोगो को घरों में कैद होने पर मजबूर कर दिया है, जो लोग काम से घरों से बाहर निकल भी रहे है पूरी तरह सर्दी से बचने की कोशिश कर रहे हैं, तो वही दूसरी तरफ कोहरे ने जिंदगी की रफ्तार थाम कर रख दी है, घने कोहरे से आवाजाही पूरी तरह प्रभावित हुई है, पिछले 3 दिन से हल्द्वानी में धूप नही निकली जिससे तापमान में गिरावट आती जा रही है,
13 जनवरी तक नैनीताल, उधम सिंह नगर, हरिद्वार, देहरादून और पौड़ी गढ़वाल में घने कोहरे का यलो अलर्ट जारी किया गया है, इस दौरान यात्रियों से सावधानी बरतनी की अपील की गई है।
मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में सर्दी का सितम जारी रहेगा। शुष्क मौसम के बीच तापमान में गिरावट के भी आसार हैं। उत्तराखंड में शीत दिवस की स्थिति है। सर्दियों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे होता है और अधिकतम तापमान 4.5 डिग्री सेल्सियस से 6.4 डिग्री सेल्सियस तक नीचे चला जाता है तो शीत दिवस की स्थिति बन जाती है।
अधिकतम तापमान में यह गिरावट 6. 4 डिग्री सेल्सियस से अधिक होने पर होती है।
उत्तराखंड में आज भी शीत दिवस की स्थिति बनी रहेगी जिसको लेकर मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के निदेशक विक्रम सिंह के अनुसार अगले दो दिन उत्तराखंड में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। हरिद्वार, उधम सिंह नगर, नैनीताल, पौड़ी और देहरादून के मैदानी क्षेत्र में घना कोहरा छाया रहेगा। इन जिलों में कोल्ड डे जैसी स्थिति बने रहने का अनुमान जताया गया है।
नैनीताल जिले में जिलाधिकारी वंदना सिंह के दिशा निर्देशों के तहत ठंड के सीजन में आम जनता और असहाय लोगों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो, इसके लिए जिले के मैदानी समेत ग्रामीण इलाकों मे शीतलहर से बचाव हेतु हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
इसी क्रम में नगर निगम-पालिका और ग्राम पंचायतों के मुख्य चौराहों, बस स्टैंड आदि इलाकों में अलाव की व्यवस्था की गई है।साथ ही जिलाधिकारी ने एसडीएम,तहसीलदार अधिशासी अधिकारी नगर पालिका/नगर पंचायत को निर्देशित करते हुए कहा कि सभी अधिकारी अपने क्षेत्र में रात्रि रेनबेसरों का निरीक्षण कर खुले में सो रहे लोगों को कंबल वितरण और रेनबेसरों तक पहुंचाने की व्यवस्था करेंगे तथा सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलवाने की व्यवस्था का निरीक्षण कर फोटोग्राफ सुनिश्चित करने की बात कही।




