भोंपूराम खबरी,रुद्रपुर। अक्टूबर माह में आई बाढ़ से हुए नुकसान की भरपाई अभी तक नही हुई है। बाढ़ के बाद ठहरे पानी की वजह से शहर वासियों को बढ़ते मच्छरों की समस्या से दो चार होना पड़ रहा है। जिससे डेंगू और मलेरिया जैसे रोगों का खतरा भी बढ़ रहा है। जिला अस्पताल में भी आपदा के बाद डेंगू और मलेरिया जैसे रोगों के मरीजों में इजाफा हो रहा है। जिसकी रोकथाम के लिए नगर निगम द्वारा प्रयास किये जा रहे है लेकिन लोगो को राहत देने के लिए ये प्रयास नाकाफी साबित हो रहे है।
नवंबर के महीने में अमूमन मच्छरों का प्रकोप कम हो जाता है जबकि आपदा के कारण शहर में मच्छरों के चलते लोगों को तकलीफे उठानी पड़ रही है। स्थानीय निवासी रिया ने बताया कि रात में मच्छरों की संख्या इतनी बढ़ जाती है कि पंखा चलाना पड़ है। आवास विकास निवासी आंचल ने बताया कि मच्छर भगाने के लिए मशीन के अलावा बाजार के अन्य उत्पादों का उपयोग करना पड़ता है जिसका सीधा असर घर के बजट पर भी पड़ रहा है। लोगों का मानना है कि स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम को मिलकर जल्द ही समस्या का समाधान करना चाहिए। नगर निगम के सहायक नगर आयुक्त दीपक गोस्वामी के मुताबिक शहर के सभी 40 वार्डो में मच्छरों से बचाव के लिए छिड़काव किया जा रहा है। डॉ गौरव अग्रवाल ने बताया कि आपदा के बाद जिला अस्पताल में अबतक 10 से 15 मरीज डेंगू और मलेरिया के आये है। उन्होंने बताया कि शहर में सभी जगह जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। जिसमे अपने आसपास एकत्रित पानी को हटाने और सभी को पूरी बाजू के कपड़े पहनने की अपील की जा रही है।




