Saturday, September 5, 2026

आईआईटी रूड़की की मेस का बुरा हाल, सब्जी की कढ़ाई और कूकर में कूदते दिखे चूहे

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भोंपूराम खबरी। देश की नामचीन संस्थान भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी रुड़की) की राधा-कृष्ण भवन की मेस में खाने के सामान में चूहे मिले हैं. यह चूहे कढ़ाई, चावल और राशन आदि में दिखाई दिए. यह सब देखने के बाद छात्रों ने मेस में हंगामा शुरू कर दिया. इतना ही नहीं इसकी वजह से 400 से अधिक छात्रों को भूखा भी रहना पड़ा. सोशल मीडिया पर अब इसकी फोटो और वीडियो खूब वायरल हो रहा है।

प्रतिदिन की तरह ही बृहस्पतिवार को भी छात्र खाना खाने के लिए मेस पहुंचे। कुछ छात्र किचन की तरफ जा पहुंचे। वहां उन्होंने देखा कि जिस कढ़ाई में सब्जी बनी हुई थी, उसमें दो चूहे कूद रहे हैं। उन्होंने इसका वीडियो बना लिया और अन्य छात्रों को भी मौके पर बुला लिया। छात्रों ने अंदर जाकर देखा तो जिस प्रेशर कुकर में चावल तैयार होना था, उसमें भी चूहा गोते लगा रहा था। इसके अलावा किचन में रखी अन्य सामग्री में भी चूहे मिले। यह देख छात्र दंग रह गए। छात्रों का कहना था कि उन्हें चूहों वाला खाना खिलाया जा रहा है।

ऐसे में छात्रों ने मौके पर हंगामा कर दिया। छात्रों का कहना था कि देशभर का जाना माना संस्थान होने के बाद भी यहां साफ-सफाई नहीं रखी जाती है।

ऐसे में छात्रों ने मौके पर हंगामा कर दिया। छात्रों का कहना था कि देशभर का जाना माना संस्थान होने के बाद भी यहां साफ-सफाई नहीं रखी जाती है। छात्रों ने संस्थान के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इस दौरान छात्रों की मेस के कर्मचारियों से बहस भी हो गई। मेस के कर्मचारी छात्रों को समझाते रहे लेकिन छात्रों ने किसी की नहीं सुनी। उन्होंने  जमकर हंगामा काटा।

आज दोपहर के समय मेस में 400 से अधिक छात्रों का खाना बना में हुआ था। खाने में चूहा मिलने के बाद किसी भी छात्र ने खाने को हाथ नहीं लगाया। यही नहीं, जो कोई छात्र थोड़ा बहुत खा भी चुके थे उन्होंने उल्टी कर दी। इससे पूरे आईआईटी में हड़कंप मच गया। इस घटना की वीडियो और फोटो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। इसे देख लोगों का कहना है कि जब आईआईटी जैसे संस्थान की किचन ही सुरक्षित नहीं है, तो शहर में तो इससे भी बुरे हालात होंगे।

आईआईटी परिसर के सूत्रों ने बताया कि परिसर में केवल बाहर की दिखावटी साफ-सफाई की जाती है । किचन की दशा बेहद खराब है। यहां की सफाई के लिए समय नहीं मिलता इसलिए गंदगी फैली रहती है। संस्थान की एक किचन में दिनभर में तीन बार का खाना 400 से अधिक छात्रों के लिए बनाना पड़ता है।

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