Friday, September 4, 2026

अश्विन ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से अचानक लिया संन्यास, सीरीज बीच में छोड़कर लौटेंगे घर

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भोंपूराम खबरी। भारत के दिग्गज स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला किया है। उन्होंने गाबा टेस्ट के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी घोषणा की। अश्विन कप्तान रोहित शर्मा के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में पहुंचे थे और वहां इसकी घोषणा की। संन्यास से पहले अश्विन ड्रेसिंग रूम में विराट कोहली के साथ बैठे नजर आए थे। इस दौरान कोहली ने उन्हें गले भी लगाया था। अश्विन एडिलेड डे नाइट टेस्ट में टीम इंडिया का हिस्सा रहे थे।

38 साल का यह स्पिनर भारत के लिए कई रिकॉर्ड बना चुका है। वह टेस्ट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वालों में सातवें स्थान पर हैं। अश्विन के नाम 106 टेस्ट में 537 विकेट हैं। 59 रन देकर सात विकेट उनकी सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी है। इस दौरान उनका औसत 24.00 का और स्ट्राइक रेट 50.73 का रहा है। अश्विन टेस्ट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले भारतीय में अनिल कुंबले के बाद दूसरे नंबर पर हैं। कुंबले के नाम 619 टेस्ट विकेट थे। अश्विन का एलान चौंकाने वाला है, क्योंकि वह भारतीय सरजमीं पर भारतीय स्पिन अटैक की धार थे। ऑस्ट्रेलिया आकर अचानक से रिटायरमेंट का फैसला लेना चौंकाने वाला है।

अश्विन 106 टेस्ट खेलने के अलावा 116 वनडे और 65 टी20 में भी टीम इंडिया का हिस्सा रहे। उन्होंने वनडे में 156 विकेट और टी20 में 72 विकेट लिए थे। वनडे में उनकी सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी 25 रन देकर चार विकेट और टी20 में आठ रन देकर चार विकेट है। वनडे में उनकी इकोनॉमी 4.93 की और टी20 में 6.90 की रही है। हालांकि, इन दोनों में वह एक बार भी पारी में पांच विकेट नहीं ले पाए। इसके अलावा अश्विन ने टेस्ट में काफी रन भी बनाए हैं। उनके नाम टेस्ट में 3503 रन हैं। इस दौरान उनका औसत 25.75 का रहा है। अश्विन के नाम टेस्ट में सर्वोच्च स्कोर 124 रन का रहा है। उन्होंने छह शतक और 14 अर्धशतक लगाए हैं। इसके अलावा वनडे में उन्होंने 16.44 की औसत से 707 रन और टी20 में 114.99 के स्ट्राइक रेट से 184 रन बनाए हैं।

अश्विन ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू पांच जून 2010 को हरारे में श्रीलंका के खिलाफ वनडे में किया था। वहीं, टी20 डेब्यू उन्होंने 12 जून 2010 को ही हरारे में जिम्बाब्वे के खिलाफ किया था। अश्विन का टेस्ट डेब्यू 2011 में वेस्टइंडीज के खिलाफ दिल्ली में हुआ था। वह टेस्ट में सबसे ज्यादा प्लेयर ऑफ द सीरीज अवॉर्ड जीतने वाले खिलाड़ी भी हैं। उन्होंने टेस्ट में 11 बार प्लेयर ऑफ द सीरीज अवॉर्ड जीता है। इस मामले में वह मुरलीधरन की बराबरी पर हैं। अश्विन 2011 में वनडे विश्व कप और 2013 में चैंपियंस ट्रॉफी जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा रहे थे। हालांकि, इसके बाद वह कोई आईसीसी ट्रॉफी नहीं जीत सके।

अश्विन टेस्ट में भारत का नियमित हिस्सा रहे हैं। हालांकि, वनडे में वह टीम से बाहर हैं। टी20 में उनका टीम में आना जाना लगा रहा है। 2021 और 2022 टी20 विश्व कप के स्क्वॉड में वह पहली चॉइस नहीं थे। हालांकि, किसी के चोटिल या अनफिट होने पर उन्हें शामिल किया गया। अब भारत का यह दिग्गज स्पिनर सिर्फ आईपीएल में खेलता दिखेगा। उन्हें चेन्नई सुपर किंग्स ने अपनी टीम में शामिल किया है

 

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