भोंपूराम खबरी। अयोध्या में भक्तों के लिए भोजन बनाने वाले हलवाई भगवान राम की ससुराल जनकपुर से आएंगे। ऊँ शिव शक्ति सेवा मंडल 18 जनवरी से अयोध्या में भक्तों के लिए भोजन उपलब्ध कराना शुरू कर देगा। इसमें सुबह का नाश्ता, दोपहर का खाना और रात का खाना जनकपुर के हलवाई बनाएंगे।
अयोध्या में भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा के दौरान हजारों की संख्या में भक्त पहुंचेंगे। लिहाजा भक्तों के भोजन की व्यवस्था के लिए वहां 25 भंडारे लगने वाले हैं, जो अपनी सेवाएं रात-दिन देंगे। खास बात ये है कि नागपुर की तरफ से लगने वाले लंगर में जो हलवाई आने वाले हैं, वह भगवान राम की ससुराल जनकपुर से अयोध्या बुलाए गए हैं। ये अयोध्या में भक्तों के लिए भोजन बनाएंगे। ओम शिव शक्ति सेवा मंडल की तरफ से लगने वाला लंगर 18 जनवरी से शुरू हो जाएगा, जो 18 फरवरी तक चलेगा। यदि भक्तों की निरंतर संख्या रही तो लंगर को बढ़ाया भी जा सकता है।
तीन टाइम के खाने में क्या-क्या मिलेगा?
बता दें कि श्री राम जन्मभूमि क्षेत्र ने ओम शिव शक्ति सेवा मंडल को भी जिम्मेदारी दी है कि वह भक्तों के लिए वहां भोजन की व्यवस्था करें। साथ ही साथ विदर्भ के यवतमाल जिले को भी राम जन्मभूमि क्षेत्र ने इस कार्य के लिए निमंत्रित किया है। ओम शिव शक्ति सेवा मंडल की तरफ से जो लंगर लगाया जा रहा है, उसमें भक्तों और साधु-संतों के लिए उपमा, इडली, पोहा, चाय, सुबह के नाश्ता में परोसा जाएगा। दोपहर के भजन में चावल, दाल, रोटी, सब्जी, सलाद, पापड़ परोसा जाएगा। तो वहीं शाम को चाय के साथ ढोकला, कचौड़ी दी जाएगी। इसके बाद रात को पुनः भोजन दिया जाएगा। इसके साथ दूध और चाय निरंतर बटता रहेगा
इतना ही नहीं भक्तों के लिए ठंड से बचने के लिए गर्म पानी और गर्म कपड़े जैसी तमाम चीजों की व्यवस्था भी यह मंडल करेगा। विशेष तौर पर भोजन की व्यवस्था के लिए भोजन बनाने के लिए निपुण हलवाइयों को निमंत्रण देकर जनकपुर नेपाल से बुलाया गया है। जो यहां पर भक्त और साधु संतों के लिए भोजन बनाएंगे।
गौरतलब है कि 22 जनवरी को अयोध्या धाम में संपूर्ण भारतवर्ष से 25 भंडारे (लंगर) लगने वाले हैं। इन्हीं में से विदर्भ प्रांत से दो लंगरों का भी समावेश है। उसमें से एक लंगर ओम शिव शक्ति सेवा मंडल नागपुर का भी है, जिसकी सामग्री संकलन केंद्र का कार्यालय का उद्घाटन किया गया। आरएसएस के विदर्भ के पदाधिकारी, विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारी, सहित साधु संतों की उपस्थिति में संकलन केंद्र का उद्घाटन किया गया।




