भोंपूराम खबरी,रुद्रपुर। सितारगंज के एक विद्यालय में मासूम संग हुई दुष्कर्म की घटना लोगों के जेहन में घर कर गई है। अब शिक्षा विभाग ने स्कूल में होने वाली प्रार्थना सभा में सभी छात्र-छात्राओं से उनकी खैरियत के बारे में पूछने के निर्देश जारी किए हैं। वहीं स्कूल में किसी अप्रिय घटना के लिए प्रधानाध्यापक को जिम्मेदार माना जाएगा। विद्यालय में होने वाली प्रार्थना सभा में छात्र-छात्राओं से पूछा जाएगा कि स्कूल आते-जाते समय कोई व्यक्ति उन्हें परेशान तो नहीं कर रहा है। यदि कोई घटना सामने आती है तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दी जाएगी। इसके अलावा विद्यालय में कोई संदिग्ध और अपरिचित व्यक्ति को छात्र छात्राओं के पास जाने की अनुमति नहीं मिलेग न ही स्कूल के समय किसी भी विद्यार्थी को परिसर से बाहर जाने की अनुमति होगी।
वही सीईओ केएस रावत ने बताया कि विद्यालय परिसर में स्थित जर्जर कक्षा, शौचालय आदि के आसपास भी बच्चों का प्रवेश वर्जित किया जाएगा। विभाग ने परिसर में लगे वृक्ष और उनकी शाखाओं के गिरने की आशंका को देखते हुए तत्काल उनकी छटाई करने के भी निर्देश दिए गए हैं। विद्यालय परिसर में बिजली के झूलते तारों को हटवाने की व्यवस्था करने के लिए भी कहा गया है विद्यालय प्रबंधन में लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी प्रधानाध्यापक, प्रधानाचायों को निर्देश जारी किए गए हैं। लापरवाही पर प्रभारी सीधे जिम्मेदार होंगे।
अक्सर पाया जाता है कि विद्यालय के रास्ते में अराजक तत्व छात्र-छात्राओं के साथ अशोभनीय हरकतें या छेड़छाड़ करते हैं। इसके कारण छात्र-छात्रा विद्यालय में आने से बचते हैं या समय पर विद्यालय नहीं पहुंचते हैं। सीईओ ने बताया कि ऐसी परिस्थिति में प्रत्येक छात्र- छात्रा से देर होने का स्पष्टीकरण लेना होगा। अगर ऐसी स्थिति है तो इसका संज्ञान लेते हुए इसकी सूचना गोपनीय रूप से पुलिस को दी जाएगी।
सीईओ ने बताया कि अब निजी विद्यालयों की तर्ज पर सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के अभिभावकों को विद्यालय संबंधी सभी गतिविधियों से रूबरू करने के लिए एक संयुक्त ब्रॉडकास्ट ग्रुप बनाया जाएगा। इसके लिए सभी अभिभावकों के मोबाइल नंबर लिए जाएंगे। विद्यालय के अकस्मात या आपदा की स्थिति में बंद होने की सूचना का संदेश मोबाइल पर भेजे जाने का प्रबंध किया जाएगा।




