Friday, September 4, 2026

अब स्कूलों में एडमिशन का बदला नियम

Share

Advertisement

भोंपूराम खबरी। उत्तराखंड में शिक्षा विभाग के नए नियमों के चलते जिले में 20,000 से अधिक बच्चों को कक्षा एक में दाखिला नहीं मिल पा रहा है। शिक्षा विभाग ने कक्षा एक में दाखिले की समय सीमा पांच वर्ष से बढ़ाकर छह वर्ष कर दी है। इस कारण निजी स्कूलों में यूकेजी में पढ़ने वाले हजारों बच्चों के कक्षा एक के प्रवेश पर तलवार लटकी है। उम्र सीमा में छूट नहीं दी गई तो बच्चों को यूकेजी की पढ़ाई दोबारा करनी होगी।

जानकारी के मुताबिक, शिक्षा विभाग ने कक्षा एक में दाखिले की समय सीमा पांच वर्ष से बढ़ाकर छह वर्ष कर दी है। अब कक्षा एक में प्रवेश के वक्त बच्चों की उम्र 6 वर्ष निर्धारित की गई है। साथ ही यह भी निर्देश है की 6 वर्ष से कम उम्र में यदि स्कूल द्वारा बच्चों को कक्षा एक में प्रवेश दिया जाता है तो सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। प्री प्राइमरी कक्षाओं में दाखिले के लिए न्यूनतम उम्र 31 मार्च 2024 तक तीन वर्ष और कक्षा एक में दाखिले के लिए न्यूनतम उम्र छह वर्ष पूरी होनी अनिवार्य है। दो या तीन अप्रैल को भी यदि छात्र की आयु छह वर्ष पूरी हो रही है तो भी उसे कक्षा एक में दाखिला नहीं मिल सकेगा।

गौरतलब है कि सरकारी और निजी स्कूलों में प्रवेश प्रक्रिया चल रही है। एक अनुमान के मुताबिक हर वर्ष जिले में कई हजार बच्चे सरकारी और निजी स्कूलों में कक्षा एक में प्रवेश लेते हैं। इस बार यूकेजी की पढ़ाई पूरी कर चुके बच्चों को उम्र निर्धारित आयु सीमा से कम होने के कारण कक्षा एक में प्रवेश नहीं मिल पा रहा है। अभिभावकों के साथ ही शिक्षक संगठन और निजी स्कूल संचालक भी उम्र सीमा में शिथिलता बरतने की मांग कर रहे हैं

 

Advertisement
Advertisement

Read more

Local News

❌ Content Protection Enabled: Right-click & text copying is disabled on this website.