Friday, September 4, 2026

अब विदेशों में भी सुशोभित होंगे तराई के सोला फूल

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भोंपूराम खबरी। रुद्रपुर जल्द ही तराई में हस्तनिर्मित सोला फूल विदेशों में सुसज्जित नजर आएंगे। स्वयं सहायता समूह की महिलाएं हस्तनिर्मित सोला फूलों का उत्पादन करेंगी। इसके लिए वह जल्द ही सोला फूलों को तैयार करने का प्रशिक्षण लेंगी। महिलाओं को प्रशिक्षण दे के लिए पश्चिम बंगाल के प्रशिक्षक यहां पहुंचेंगे। प्रशिक्षण के बाद महिलाएं सोला फूलों को तैयार कर भारत के विभिन्न राज्यों के साथ ही विदेशों तक इनकी आपूर्ति करेंगी। इन समूहों की महिलाओं की इससे आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी और वह आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाएंगी।

पंतनगर की जवाहरनगर शिव शक्ति स्वयं सहायता समूह की कोषाध्यक्ष बबली कोरंगा ने बताया कि बीते सितंबर में वह कोलकाता में अपने नाना के घर गई थीं। इस दौरान उनकी वहां की कईमहिलाओं मुलाकात हुई। वह महिलाएं सोला फूल तैयार करती हैं। इस पर उन्होंने भी यहां सोला फूल तैयार करने की ठान ली। कहां से आने के बाद उन्होंने अपने समूह के साथ ही ज्ञानमूर्ति स्वयं सहायता समूह जागृति महिला स्वयं सहायता समूह तथा पूजा महिला स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से संपर्क किया और सोला फूल बनाने के बारे में बताया।

इसके बाद इन समूहों की 10 आर्टीशियन महिलाओं ने हस्तनिर्मित सोला फूल बनाने में हामी भरी। अब इन महिलाओं को इसका प्रशिक्षण देने के लिए पश्चिम बंगाल के प्रशिक्षक यहां आएंगे। बबली कोरंगा ने बताया कि सोला फूलों का उत्पादन करने के बाद जर्मनी में इनकी आपूर्ति की जाएगी। इससे महिलाओं को स्वरोजगार का नया साधन मिलेगा और वह आर्थिक रूप से भी मजबूत हो सकेंगी।

पानी में उगने वाले तने से बनेंगे सोला फूल टैपिओका पौधे की जड़ से सोला फूल बनाए जाते हैं। इस पौधे को कसावा के नाम से भी जाना जाता है। पौधे की त की कटिंग कर धागे के जरिये सोला फूलों बनाए जाते हैं। कोलकाता में कई महिलाएं हाथ से इन फूलों को तैयार करती हैं। यहां के समूहों की महिलाएं अब इन फूलों का उत्पादन करने के लिए पश्चिम बंगाल से तना और अन्य कच्चा माल मंगाएंगी। इसके बाद फूलों को बनाकर अन्य देशों में भेजेंगी।

गमलों के साथ घर की सजावट में होंगे सहायक सोला फूल गमलों में रखने के साथ ही घर की सजावट में सहायक बनेंगे। इन फूलों की शादी समारोह तथा भवनों की सजावट में अधिक डिमांड रहती है। इस फूल की कीमत डेढ़ रुपये से लेकर दस रुपये तक बताई गई है। हालांकि, विदेशों में ये भारतीय दामों से अधिक दाम पर बिकेगा। विदेशों तक इसकी बिक्री के लिए महिलाएं आनलाइन ट्रेडिंग का फार्मूला अपनाएंगी।

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