भोंपूराम खबरी,रूद्रपुर। शहर के किच्छा रोड में दशकों पुराने कचरे के पहाड़ का आखिरकार सफाया हो गया है। ढाई एकड़ भूमि में बना यह ट्रंचिंग ग्राउण्ड आस पास की हजारों की आबादी के साथ ही इस मार्ग से गुजरने वाले लोगों के लिए जी का जंजाल बना हुआ था। इसे हटाने के लिए कई बार आंदोलन हुए, जनप्रतिनिधियों की उदासीनता के चलते यह समस्या जस की तस बनी हुई थी।
नगर निगम के प्रशासक का कार्यभार संभालने के बाद डीएम उदय राज सिंह ने इस पर गंभीरता दिखाई जिसके बाद कचरे के पहाड़ को हटाने के काम में तेजी आई और अब इस भूमि से कचरे का सफाया कर लिया गया है। किच्छा रोड बीते करीब चार दशकों से ट्रंचिंग ग्राउण्ड में पूरे शहर का कूड़ा एकत्र होता था, जिसके चलते यहां कचरे का पहाड़ बन गया था। इस कचरे के कारण मार्ग से गुजरने वाले लोगों को भीषण दुर्गंध के बीच से गुजरने को मजबूर होना पड़ता था वहीं इसके आस पास रहने वाली हजारों की आबादी भीषण दुर्गंध में जीवन यापन करने को मजबूर थी।
कचरे के चलते आस पास की आबादी तमाम बिमारियों की चपेट में आ रही थी। कचरे को हटाने के लिए कई बार आंदोलन भी हुए। बुद्धिजीवियों ने भी इसके लिए कई बार आवाज उठाई लेकिन जनप्रतिनिधि इसे लेकर खासे उदासीन रहे। निवर्तमान मेयर रामपाल सिंह ने इसे लेकर दिलचस्पी दिखाई थी जिसके बाद उन्होंने एक निजी कंपनी को कचरे के निस्तारण का काम सौंपा लेकिन यह पिछले करीब दो साल से यह काम बहुत धीमी गति से चल रहा था, जिस सुस्ती से कचरा हटाने का काम चल रहा था उस हिसाब से कचरे को हटने में कई वर्ष लग जाते। कुछ माह पूर्व नगर निगम बोर्ड का कार्यकाल खत्म होने के बाद जब नगर निगम की कमान प्रशासक के रूप में डीएम उदय राज सिंह के हाथ में आई तो उन्होंने कचरे की समस्या को गंभीरता से लिया। डीएम उदयराज सिंह ने प्रशासक बनने के बाद कई बार इस ट्रचिंग ग्राउण्ड का स्थलीय निरीक्षण किया और कचरे के निस्तारण के काम में तेजी लाने के निर्देश दिये। डीएम ने इस पर व्यक्तिगत रूप से रूचि दिखाई, जिसके चलते कचरा निस्तारण का काम युद्ध स्तर पर शुरू हो गया और अब आखिरकार डीएम उदय राज सिंह और मुख्य नगर आयक्त नरेश दुर्गापाल के प्रयास रंग लाये हैं। ट्रचिंग ग्राउण्ड से करीब एक लाख टन कचरे का हटा दिया गया है। जिस पर अब हरा भरा पार्क बनाने की तैयारी शुरू हो गयी है। गुरूवार शाम को नगर निगम के प्रशासक एवं डीएम उदय राज सिंह ने पुनः ट्रंचिंग ग्राउण्ड का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि ट्रंचिगं ग्राउंड का लग भग ढाई एकड़ का क्षेत्र खाली हो गया है। अब इस क्षेत्र को ग्रीन स्पेस के रूप में विकसित किया जायेगा। उन्होने कहा कि इस स्थान पर मिट्टी का भरान कर पौधारोपण व सौन्दर्यीकरण कराया जायेगा। जिलाधिकारी ने एनएचएआई के अधिकारियों से कहा कि ट्रंचिगं ग्राउंड के कारण सड़क के किनारे गîक्को से दुर्घटना की संभावना है इसलिए क्रैश बैरियर लगायंे ताकि कोई दुर्घटना न घटे इसके साथ ही एनएचएआई को जल निकासी हेतु पक्की ड्रेनेज बनाने के भी निर्देश दिये ।




