Saturday, September 5, 2026

अब तक 11… बिहार में धड़ल्ले से गिर रहे ब्रिज, एक ही दिन में 5 पुल टूटने का बना रिकॉर्ड

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भोंपूराम खबरी। बिहार में इन दोनों ऐसा लगता है कि पुल-पुलिया गिरने का मौसम चल रहा है. गनीमत यह है कि कोई पुल- पुलिया जैसे ही गिरने की कगार पर पहुंचता है, स्थानीय लोगों को इस बात की जानकारी हो जा रही है और कोई बड़ा हादसा नहीं हो रहा है. लगभग रोज बिहार में क्या नए, क्या पुराने या क्या निर्माणाधीन पुल एक-एक करके जल समाधि ले रहे हैं और इसी कड़ी में बुधवार को तो हद ही हो गए जब राज्य के दो जिलों सीवान और छपरा में एक ही दिन में पांच पुल ध्वस्त हो गए।

40 साल पुराना पुल टूटा

एक तरफ जहां सीवान में तीन पुल ध्वस्त हो गए तो वहीं छपरा में दो पुलों ने जल समाधि ले ली. सीवान में पुल टूटने की पहली घटना महाराजगंज अनुमंडल के देवरिया गांव में घटी जहां गंडक नदी पर बना पुल का एक पिलर धंस गया और पुल टूट गया. बताया जा रहा है कि यह पल तकरीबन 40 साल पुराना था।

पुल टूटने की दूसरी घटना महाराजगंज प्रखंड के तेवता पंचायत में घटी. स्थानीय लोगों ने बताया कि यह पुल 5 साल पहले ही बनाया गया था. पुल टूटने की तीसरी घटना भी महाराजगंज के धम्ही गांव में घटी।

छपरा में भी धराशायी हुए पुल

वहीं छपरा जिले में भी पुल टूटने की पहली घटना घटी. गंडक नदी पर स्थित जनता बाजार इलाके में पहला पुल टूटा. वहीं दूसरा पुल एक किलोमीटर दूर टूटा. ग्रामीणों ने बताया कि जो दूसरा पुल छपरा जिले में टूटा वह तकरीबन 100 साल पुराना था और अंग्रेजों के जमाने में बनाया गया था।

बिहार में लगातार धराशायी हो रहे पुलों को लेकर पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने सरकार पर हमला बोला है. तेजस्वी ने सरकार से सवाल पूछा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस पूरे मामले पर चुप क्यों है और साथ ही साथ दोनों उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा भी कहीं नजर नहीं आ रहे हैंय

तेजस्वी यादव ने उठाए सवाल

तेजस्वी यादव ने कहा, ‘बिहार में 6 दलों वाली डबल इंजन सरकार के लिए यह विचित्र स्थिति है कि 15 दिन में हजारों करोड़ के 10 पुल गिरने के बाद भी उन्हें विप दोषी ठहरने के लिए कोई बहाना नहीं मिल रहा है.’ गुरुवार को सीवान और छपरा में पांच पुल पुलिया टूटने से पहले पिछले दो सप्ताह में अररिया, सीवान, मोतिहारी, किशनगंज और मधुबनी में कुल 6 पुल पुलिया पहले ही ध्वस्त हो चुके हैं।

बता दें कि 18 जून को अररिया में 12 करोड़ की लागत से बकरा नदी के ऊपर बना रहा पुल ध्वस्त हो गया था. इसके बाद 22 जून को सीवान में गंडक नदी पर बना पुल गिर गया. बताया जाता है कि यह पुल तकरीबन 40-45 साल पुराना था.

पुल निर्माण में हुआ घटिया सामग्री का इस्तेमाल

इसके बाद 23 जून को पूर्वी चंपारण में लगभग डेढ़ की लागत से बन रहा पुल ध्वस्त होने का मामला सामन आया. स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि पुल के निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा था और इसी वजह से पुल गिर गया।

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