Friday, September 4, 2026

अजब निगम का गजब खेल, नदी का कूड़ा दिया सड़क पर ठेल 

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भोंपूराम खबरी, रुद्रपुर। अपने अजीबोगरीब कारनामों के चलते अक्सर सुर्ख़ियों में रहने वाले रुद्रपुर नगर निगम की घोर लापरवाही सामने आई है। शहर से बहने वाली एकमात्र कल्याणी नदी को साफ़ करने की मुहिम में नदी का कूड़ा तो निकाला जा रहा है मगर उस कूड़े को निस्तारित करने के स्थान पर नदी के समबन्धित तट पर ही गिराकर कर्तव्यों की इतिश्री की जा रही है। यह हालात तब है जब शहर में कूड़ा निस्तारण यंत्र शुरू किया जा चुका है और कई एकड़ों में फैला नया ट्रेन्चिंग ग्राउंड भी अस्तित्व में आ चुका है।

ज्ञात हो कि बीते लगभग दो माह से निगम व कई अन्य संस्थाओं द्वारा शहर की कल्याणी नदी की सफाई के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसमें निगम के मेयर रामपाल सिंह व आयुक्त रिंकू बिष्ट व्यक्तिगत योगदान भी करते हुए स्वयं सफाई अभियान की अगुवाई कर रहे हैं। लेकिन हैरत की बात है कि कल्याणी को तो साफ़ किया जा रहा है लेकिन नदी में से निकले कूड़े को सबंधित तट पर ही फेंक दिया जा रहा है। ऐसे में सफाई का औचित्य ही खत्म होता दिख रहा है। शहर के कई स्थानों पर फैले इन कूड़े के ढेरों से भयावह बदबू आ रही है। यहाँ तक कि जिन बस्तियों से कल्याणी बहती है वहां इन कूड़े के ढेरों से संक्रामक रोग फैलने का अंदेशा बना हुआ है। निगम की लापरवाह कार्यशैली से लोग भी खासे नाराज हैं।

कल्याणी साफ़ करने के लिए लाखों रुपये खर्च किये जा रहे हैं। लेकिन स्थिति जस की तस है। निगम ने कूड़ा उठाने की जहमत नहीं उठाई। जरा सी बारिश में यही कूड़ा बहकर फिर से नदी में चला जायेगा। नतीजा ढाक के तीन पात होगा। अगर निगम सफाई के प्रति वाकई गंभीर है तो इन कूड़े के ढेरों को तत्काल ट्रेन्चिंग ग्राउंड भेजकर उसका संयंत्र में निस्तारण कराये। —- संजय जुनेजा, उद्योग व्यापार मंडल अध्यक्ष

शहर की तमाम कालोनियों में बने इन कूड़े के ढेरों पर आवारा जानवर रहने लगे हैं। मल त्याग करते हैं। ऐसे में यह कूड़ा बीमारियों का संवाहक बन रहा है। निगम सिर्फ दिखावे तक सीमित है। असल में सफाई अभियान को निगम के अधिकारी ही पलीता लगा रहे हैं। सुशील गावा, समाजसेवी

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