भोंपूराम खबरी,पंतनगर । लंग्स और स्तन कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों के लिए सुकून भरी खबर है। देहरादून के मदरहुड विवि की शोधार्थी रामा परवीन ने पांच विश्वविद्यालयों के वैज्ञानिकों के मार्गदर्शन में उत्तराखंड में पाए जाने वाले पौधों की पत्तियों से औषधि बनाने का दावा किया है।

इसका यूके डिजाइन टाइप में बीती 24 सितंबर को पेटेंट भी ग्रांट हो गया है। जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय में रसायन विज्ञान के प्राध्यापक डॉ. एमजीएच जैदी ने बताया कि वर्तमान में खानपान और क्लाइमेटिक कंडीशन की वजह से लोगों में कैंसर तेजी से फैलता जा रहा है।
यह बीमारी सबसे अधिक महिलाओं में स्तन कैंसर के रूप में देखी जा रही है। प्राथमिक तौर पर कैंसर ट्यूमर का एक एडवांस फॉर्म होता है और ट्यूमर माइक्रोबियल संक्रमण से बनता है। शमा ने इको फ्रेंडली तकनीक से उत्तराखंड के पौधों की पत्तियों की उपस्थिति में गोल्ड नैनो पार्टिकल्स का फार्मूलेशन बनाकर रोगग्रस्त जानवरों के लंग्स व स्तन कैंसर की सेल लाइन पर किया।
इसके परीक्षण में 33.3 माइक्रोग्राम प्रति मिली फार्मूलेशन का प्रयोग करने पर कैंसर की सेल लाइन शत प्रतिशत मृत पाई गई। यह फार्मूलेशन एंटी फंगल व एंटी बैक्टीरियल है, इससे शरीर में किसी अन्य तरह के संक्रमण की संभावना नहीं रहती है। चूंकि जानवरों और इंसानों की अंतः संरचना लगभग एक सी होती है, इसलिए यह फार्मूलेशन मानवों पर भी उतना ही प्रभावी होगा।
कैंसर की पहचान के लिए डिवाइस की कवायद पंतनगर डॉ. जैदी बताते हैं कि स्तन व लंग्स कैंसर की औषधि ईजाद होने के बाद अब उनकी टीम डिवाइस, एनालाइजिंग गोल्ड नैनो पार्टिकल्स मेडिकेटेड एंटी ट्यूमर इफेक्ट विषय पर शोध कर रही है। इसके तहत एक ऐसी डिवाइस विकसित करना है, जो जानवरों व मनुष्यों में कैंसर की तत्काल पहचान कर सके।
इन प्राध्यापको के सहयोग से मिली सफलता
पंतनगर मदरहुड विवि के कुलपति डॉ. नरेंद्र शर्मा एवं एडवाइजर विकास गुप्ता के मार्गदर्शन में शोधार्थी शमा ने कैंसर की यह औषधि विकसित की है। साथ ही विवि के प्राध्यापक डॉ. रेखा रिखाड़ी व डॉ. शिवाली विष्ट सहित पंतनगर विवि के डॉ. एमजीएच जैदी व डॉ. समीना महताब, रुहेलखंड विवि बरेली के डॉ. मधुसूदन, एलआईएमटी ग्रेटर नोएडा के डॉ. शरद अग्रवाल, हर्ष पीजी कॉलेज हरिद्वार के डॉ. अनुज कंडवाल एवं कानपुर विवि की डॉ. सुदीपा का विशेष सहयोग रहा।
इस तकनीक से बना फार्मूलेशन
पंतनगर डॉ. जैदी के अनुसार उत्तराखंड आधारित पादपों से विभिन्न औषधीय संघटकों/ विलायकों का निष्कर्षण किया गया। इसके बाद उन संघटकों के मिश्रण में गोल्ड नैनो पार्टिकल्स का संश्लेषण किया गया। यह पार्टिकल्स बहुत ही टॉक्सिक होते हैं। इसके फलस्वरूप विभिन्न औषधीय फार्मूलेशन प्राप्त किए गए। इन फार्मूलेशनों के 33.3 माइक्रोग्राम प्रति मिली सांद्रता में लंग्स एवं स्तन संबंधी सेल लाइनों की शत प्रतिशत मारक क्षमता पाई गई।




