Friday, September 4, 2026

अचानक क्यों बदला बॉक्सर विजेंदर का मन? कल तक शेयर किए मोदी विरोधी पोस्ट, आज BJP में हुए शामिल

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भोंपूराम खबरी। कांग्रेस पार्टी को बड़ा झटका लगा है। साल 2019 में साउथ दिल्ली लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने वाले विजेंदर सिंह बीजेपी में शामिल हो गए हैं। विजेंदर सिंह का बीजेपी में जाना कांग्रेस के लिए इसलिए बड़ा झटका है क्योंकि माना जा रहा था कि वो हेमा मालिनी के खिलाफ मथुरा लोकसभा सीट से कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी हो सकते हैं।

विजेंदर सिंह कल तक कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी के X पोस्ट्स को रिट्वीट कर रहे थे लेकिन अब अचानक उनका बीजेपी में जाना चौंकाने वाला है। विजेंदर सिंह ने बीजेपी में शामिल होने के मौके पर कहा कि जिस तरह देश – विदेश में खिलाड़ियों का मान – सम्मान बढ़ा है, खिलाड़ी उसके लिए बहुत धन्यवाद करते हैं। उन्होंने कहा, “मैं चाहूंता कि इस सरकार में रहकर खिलाड़ियों के लिए ज्यादा से ज्यादा काम कर सकूं।”

अचानक क्यों बदला विजेंदर का मन?

बॉक्सर विजेंदर सिंह अचानक बीजेपी में क्यों शामिल हुए इसके जवाब किसी के पास नहीं है। विजेंदर सिंह ने मंगलवार को राहुल गांधी का पोस्ट रिट्वीट किया था, इस वीडियो पोस्ट में एक महिला पीएम नरेंद्र मोदी को ट्रोल करती नजर आ रही है। पोस्ट में राहुल गांधी ने लिखा है, “आज एक युवा ने मुझे ये वीडियो भेजा! अब भ्रम और भय का जाल तोड़ कर सच्चाई सामने आ रही है। अबकी बार ‘प्रोपेगैंडा के पापा’ की दाल नहीं गलने वाली, जनता खुद उन्हें आईना दिखाने को तैयार बैठी है।”

इससे पहले विजेंदर सिंह ने 2 अप्रैल को एक पोस्ट किया था। उन्होंने लिखा था, “क्यों डरें जिंदरी में क्या होगा, कुछ ना होगा तो तजरुबा होगा।”

1 अप्रैल को विजेंदर सिंह द्वारा किए गए पोस्ट में जाट समाज नामक एक X हैंडल के पोस्ट का जवाब दिया गया था। जाट समाज नाम के X हैंडल ने विजेंदर के फोटो के साथ पोस्ट में लिखा था कि वो मथुरा से हेमा मालिनी के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे। इसके जवाब में विजेंदर ने लिखा- भाई

31 मार्च को विजेंदर सिंह ने राहुल गांधी का एक पोस्ट रिट्वीट किया था। इस पोस्ट में राहुल गांधी ने बीजेपी और पीएम नरेंद्र मोदी पर सीधा निशाना साधा था। राहुल गांधी ने लिखा था,”नरेंद्र मोदी ‘मैच फिक्सिंग’ से चुनाव जीत कर संविधान बदलना चाहते हैं। प्लेयर खरीद कर, कैप्टन को डरा कर, अंपायर पर दबाव डाल कर और EVM के दम पर 400 पार का नारा लगा रहे हैं। जबकि हकीकत में सब मिला कर भी वह 180 पार करने की हालत में नहीं हैं। यह चुनाव सिर्फ सरकार बनाने का चुनाव नहीं है, यह देश को बचाने का चुनाव है, संविधान की रक्षा का चुनाव है।

 

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