भोंपूराम खबरी। उत्तराखंड बीजेपी में आज बूथ स्तर की बैठक लेने बीजेपी के प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम पहुंचे जहां तमाम कार्यकर्ता मंत्री सांसद सभी नजर आए। लेकिन इसी कार्यक्रम में एक बहुत निंदनीय घटनाक्रम उभरा। बेहद निराश करने वाली तस्वीरों में तिरंगे की प्रतिकृति बीजेपी नेताओं वा कार्यकर्ताओं के पैरों तले कुचलती नजर आई। जी हाँ वैसे तो बीजेपी तिरंगे के सम्मान की बात करते नहीं थकते हैं लेकिन बीजेपी कार्यालय में आज बैठक से पहले फूलो से तिरंगा और G20 का लोगो बनाया गया था। लेकिन हालात ये थी की तिरंगे की सजावट के चक्कर में तिरंगे का अपमान होता दिखाई दिया।

जी हाँ तमाम लोग इस तिरंगा नुमा आकृति के ऊपर पैर रखकर चलते नजर आए और बीजेपी के नेताओं क़ो इससे फर्क पड़ता दिखाई भी नहीं दिया। सवाल ये हैं कि क्या देश के गौरव तिरंगे क़ो क्या इस तरह से जमीन पर सजावट के लिए बनाना और फिर उसे रौंदना कितना जायज हैं? हमेशा देशभक्ति को लेकर लोगों से खासकर विपक्ष को घेरने वाली बीजेपी के पास इस बात का क्या जवाब है। देश में तिरंगे से उच्च स्थान किसी वस्तु का नहीं, तो फिर क्यों तिरंगे की बेअदबी की गई?

भले ही यह तिरंगा ना हो लेकिन केसरिया, सगेद और हरे रंग से तिरंगे की रंगोली नहीं तो क्या बनाया गया था? इसे आप तिरंगे का अपमान नहीं कहेंगे तो और क्या कहेंगे?




