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Sunday, June 16, 2024

हरदा विस्फोट मामले में मजदूरों का बड़ा दावा, बताया कैसे लगी थी पटाखा फैक्‍ट्री में आग: देखिए विडियो

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भोंपूराम खबरी। बैरागढ़ पटाखा फैक्ट्री में मंगलवार को हुए दिल दहला देने वाले धमाके का फिलहाल ठोस कारण तो सामने नहीं आया है, मगर हादसे के दौरान फैक्ट्री में मौजूद मजदूरों की मानें तो इसके पीछे एक छोटी सी चिंगारी थी, जो बारूद को बारीक करने के दौरान निकली थी।

हादसे के वक्त फैक्ट्री में काम कर रही शबनम बी (35) ने ‘नईदुनिया’ टीम से दावा किया कि उसके सामने बारूद को बारीक करने वाले कमरे में धुआं भरना शुरू हो गया था, जिससे कुछ ही देर में आग भड़की और धमाके होने लगे। उस वक्त वह फैक्ट्री के ग्राउंड फ्लोर पर अपनी बेटी ख्वाइश (12) और बेटा फैजल (चार) के साथ पटाखे पैक कर रही थी। पास के एक कमरे में बारूद को बारीक करने का काम चल रहा था। इसी दौरान चिंगारी निकली और कमरे में धुआं भरने लगा।

धुआं देखते ही लोग भागने लगे। वह भी अपनी बेटी और बेटा को साथ लेकर तेजी से निकली, लेकिन उसके निकलते-निकलते ही एक धमाका हो गया। यह धमाका छोटा था, इसलिए उसे कुछ नहीं हुआ और वह फैक्ट्री से बाहर आ गई। इसी दौरान एक दूसरा धमाका हुआ और पत्थर बरसने लगे। इस दौरान एक पत्थर बेटी के सिर में भी लगा। हालांकि, तीनों सुरक्षित हैं।

मगरधा रोड पर बच्चों के साथ अकेले रहने वाली शबनम ने बताया कि हादसे के समय चारों तरफ अफरा-तफरी मच गई थी। वहीं काम करने वाले राजू निवासी भादूगांव का दावा है कि फैक्ट्री के अंदर एक दूसरे कमरे में तब पटाखों की बत्ती काटने का काम चल रहा था। चिंगारी ग्रेंडर से भी निकल सकती है।

बता दें कि सिराली तहसील के ग्राम पीपलपानी स्थित पटाखा फैक्ट्री में भी दिसंबर 2019 में जो विस्फोट हुआ था, उसके पीछे भी बारूद को बारीक करने के दौरान निकली चिंगारी ही थी। इसमें गोमगांव निवासी नरेंद्र मर्सकोले (22) की मौत हो गई थी।

13वीं मौत… मासूम ने एम्स में तोड़ा दम

पटाखा फैक्ट्री में हुए धमाके में शुक्रवार को 13वीं मौत हुई और इसी के साथ एक पिता बेसहारा हो गया। धमाके के दौरान पत्थर लगने से संजय राजपूत और उनका आठ वर्षीय बेटा आशीष दोनों घायल हो गए थे। दोनों को गंभीर हालत में नर्मदापुरम के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहां आशीष की हालत में सुधार ना होने पर उसे भोपाल एम्स भेजा गया था। शुक्रवार को इलाज के दौरान आशीष ने दम तोड़ दिया। वहीं बेटे की मौत के बाद नर्मदापुरम के अस्पताल से पिता संजय राजपूत को डिस्चार्ज कर दिया गया।

रेलवे ट्रैक के किनारे मिले 75 बोरी सुतली बम

हादसे के बाद हरदा प्रशासन अलर्ट मोड पर है। गुरुवार को क्षेत्र में सर्चिंग के दौरान पांच बोरी सूतली बम मिले थे। शुक्रवार को दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग पर रेलवे ट्रैक के पास 75 बोरी सुतली बम मिले हैं। ट्रैक किनारे इतनी बड़ी संख्या में बम मिलने से क्षेत्र में सनसनी का माहौल है। ट्रैकमैन राहुल नागले ने बताया कि वे डाउन साइड से आ रहे थे, तभी ट्रैक के पास बोरियां पड़ी हुई देखीं। इसकी सूचना उन्होंने पुलिस को दी। सिविल लाइन थाना पुलिस ने बोरियों को जब्त कर लिया है।

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