16.6 C
London
Thursday, May 23, 2024

अदाणी समूह के साथ एंकर निवेशकों के संबंधों की जांच शुरू

- Advertisement -spot_img
spot_img
spot_img
spot_img
spot_img

भोंपूराम खबरी। सेबी इस मामले में कानूनों के संभावित उल्लंघन या शेयर बिक्री प्रक्रिया में किसी भी तरह के हितों के टकराव की जांच कर रहा है। मॉरीशस की दो कंपनियों ग्रेट इंटरनेशनल टस्कर फंड और आयुष्मत लि. की अदाणी के साथ संबंधों की जांच भी हो रही है। दोनों ने एफपीओ में एंकर निवेशक के रूप में पैसा लगाया था।

बाजार नियामक सेबी ने अदाणी इंटरप्राइजेज के 20,000 करोड़ के फॉलोऑन पब्लिक ऑफर (एफपीओ) से जुड़े दो एंकर निवेशकों की जांच शुरू कर दी है। जांच अदाणी समूह के साथ इन निवेशकों के संबंधों से जुड़ी है। कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय ने कहा कि जांच के संबंध में प्रधानमंत्री कार्यालय को जानकारी दी गई है।

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) इस मामले में कानूनों के संभावित उल्लंघन या शेयर बिक्री प्रक्रिया में किसी भी तरह के हितों के टकराव की जांच कर रहा है। मॉरीशस की दो कंपनियों ग्रेट इंटरनेशनल टस्कर फंड और आयुष्मत लि. की अदाणी के साथ संबंधों की जांच भी हो रही है। दोनों ने एफपीओ में एंकर निवेशक के रूप में पैसा लगाया था। कैपिटल एवं डिस्क्लोजर नियमों के मुताबिक, अगर कोई संस्थान किसी कंपनी के संस्थापक या संस्थापक समूह से जुड़ा है तो वह उस कंपनी में एंकर निवेशक नहीं हो सकता है। सेबी यही जांच कर रहा है कि जो भी एंकर निवेशक हैं, क्या वे समूह संस्थापकों से जुड़े हैं या नहीं। सेबी की जांच में एलारा कैपिटल और मोनार्क नेटवर्थ कैपिटल भी हैं। यह उन 10 निवेश बैंकर्स में शामिल हैं, जिन्होंने एफपीओ का प्रबंधन किया था।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) ने अदाणी समूह की तीन में दो कंपनियों अदाणी पोर्ट्स और अंबुजा सीमेंट्स को अतिरिक्त निगरानी व्यवस्था (एएसएम) से बाहर कर दिया है।

हिंडनबर्ग का आरोप है कि अदाणी समूह की एक निजी कंपनी की मोनार्क में मामूली हिस्सेदारी थी। यह कंपनी पहले समूह के लिए एक बुक रनर के रूप में काम कर चुकी थी। यह स्पष्ट रूप से हितों के टकराव का मामला है। इसने यह भी आरोप लगाया कि एलारा के एक मॉरीशस स्थित फंड ने अदाणी समूह की तीन कंपनियों के शेयरों में अपने बाजार मूल्य का 99 फीसदी निवेश किया है।

मूडीज ने चार कंपनियों की रेटिंग घटाई

मूडीज ने शुक्रवार को अदाणी समूह की चार कंपनियों की रेटिंग स्थिर से घटाकर नकारात्मक कर दी है। इन कंपनियों में अदाणी ग्रीन एनर्जी, अदाणी ग्रीन एनर्जी रिस्ट्रिक्टेड ग्रुप, अदाणी ट्रांसमिशन और अदाणी इलेक्ट्रिसिटी मुंबई शामिल हैं। हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के बाद इन कंपनियों के मूल्य में तेजी से गिरावट आई है।

अदाणी समूह की कंपनियों के शेयरों में शुक्रवार को भी गिरावट जारी रही। इससे समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी की संपत्ति 7 अरब डॉलर घटकर 58 अरब डॉलर रह गई। इसके साथ ही वह दुनियाभर के अमीरों की सूची में शीर्ष-20 से बाहर होकर 22वें स्थान पर खिसक गए। बृहस्पतिवार को उनकी संपत्ति 40.2 करोड़ डॉलर घटी थी। इससे वह सूची में खिसककर 18वें स्थान पर आ गए थे।

अदाणी समूह ने अमेरिकी कानूनी फर्म नियुक्त किया

अदाणी समूह ने अमेरिका की कानूनी फर्म वाचटेल को नियुक्त किया है, जो हिंडनबर्ग के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ेगी। ब्रिटिश समाचार पत्र के मुताबिक, वाचटेल के पास कॉरपोरेट कानून, नियामकीय मामलों और बड़े एवं संकट वाले लेनदेन के प्रबंधन का अनुभव है।

Latest news
Related news
- Advertisement -spot_img

Leave A Reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

Translate »